कासगंज जनपद के ग्राम इतवारपुर में विकास ठप, जनता त्रस्त
ग्राम इतवारपुर, पोस्ट जहाँगीरपुर, जनपद कासगंज—यहाँ की सड़कों की बदहाली, जगह-जगह जलभराव और नालियों के अभाव ने ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बरसात आते ही हालात और भी भयावह हो जाते हैं। कीचड़, गड्ढे और जमा पानी के कारण पैदल चलना तक दूभर हो गया है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा सड़कों के निर्माण, नालियों की व्यवस्था और जलनिकासी जैसे बुनियादी कार्यों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। बार-बार शिकायतों और मौखिक निवेदनों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। साफ-सफाई के अभाव में दुर्गंध और गंदगी से ग्रामीणों का स्वास्थ्य खतरे में है। आपात स्थिति में एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं का गांव तक पहुँचना भी मुश्किल हो जाता है—यह सीधे-सीधे मानवीय संवेदनाओं के साथ खिलवाड़ है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति हो रही है। योजनाएँ स्वीकृत होने के बावजूद धरातल पर काम दिखाई नहीं देता। यह हालात इस बात की माँग करते हैं कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल संज्ञान लें और दोषियों की जवाबदेही तय करें।
प्रशासन और सरकार से सख़्त माँग:
1. ग्राम इतवारपुर की सड़कों का तत्काल निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए।
2. जलनिकासी हेतु पक्की नालियों का शीघ्र निर्माण कराया जाए।
3. जलभराव वाले क्षेत्रों में तुरंत राहत कार्य और सफाई अभियान चलाया जाए।
4. ग्राम स्तर पर हुए/न हुए कार्यों की निष्पक्ष जाँच कर जवाबदेही तय की जाए।
यह समाचार जिला प्रशासन, पंचायती राज विभाग और प्रदेश सरकार तक पहुँचाया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वर्षों से उपेक्षित इस गांव को उसका हक़ मिल सके। अब और देरी नहीं—इत्वारपुर को विकास चाहिए, बहाने नहीं।