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आयुर्वेद ने कैंसर को दी मात

खानपुर कलां, 28 जनवरी।
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां स्थित माडू सिंह मेमोरियल आयुर्वेद संस्थान ने आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। संस्थान के अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से पीड़ित एक महिला के सफल उपचार ने न केवल आयुर्वेद की शक्ति को प्रमाणित किया है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ इसके समन्वय की नई संभावनाओं को भी उजागर किया है।

जिला हिसार के गांव राजथल निवासी राजपति देवी ने बताया कि वर्ष 2007 में कैंसर की अंतिम अवस्था में उन्हें उपचार हेतु अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर बताते हुए घर भेज दिया था। ऐसे कठिन समय में जब परिवार की सारी उम्मीदें टूट चुकी थीं, तब अंतिम आशा के रूप में आयुर्वेद चिकित्सा को अपनाया गया। उन्होंने बताया कि माडू सिंह मेमोरियल आयुर्वेद संस्थान में उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में आश्चर्यजनक सुधार हुआ और आज वे एक सामान्य जीवन जी रही हैं।

राजपति देवी के पुत्र अनिल ने भावुक होते हुए बताया कि जब सभी रास्ते बंद नजर आ रहे थे, तब किसी परिचित ने उन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अनिल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मां के सफल इलाज के बाद परिवार का आयुर्वेद पर अटूट विश्वास बन गया है और अब किसी भी बीमारी के उपचार के लिए वे हिसार से खानपुर कलां स्थित आयुर्वेद संस्थान में ही आते हैं।

इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अनिल ने बताया कि राजपति देवी के उपचार से उन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सा पर आधारित शोध के लिए एक नया और महत्वपूर्ण विषय मिला है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों का उपचार नहीं करता, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन के माध्यम से संपूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि गंभीर से गंभीर रोगों के उपचार की संभावनाएं आयुर्वेद में मौजूद हैं, बशर्ते सही पद्धति और निरंतर शोध किया जाए।

संस्थान के प्राचार्य डॉ. ए. पी. नायक ने कहा कि आयुर्वेद में अनुसंधान की असीम संभावनाएं हैं। ऐसे उदाहरण न केवल शोधकर्ताओं को प्रेरित करते हैं, बल्कि समाज में आयुर्वेद के प्रति विश्वास को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में आयुर्वेदिक शोध को और अधिक वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में निरंतर कार्य करेगा।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश ने इस उपलब्धि पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय का उद्देश्य पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक शोध के साथ जोड़कर समाज के हित में उपयोग करना है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत की अमूल्य धरोहर है और इस प्रकार के सफल उपचार यह सिद्ध करते हैं कि सही शोध, समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आयुर्वेद वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुलपति ने संस्थान के चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और छात्राओं को इस उल्लेखनीय कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में और अधिक नवाचार की अपेक्षा व्यक्त की।

फोटो कैप्शन :- 01 आयुर्वेद संस्थान के प्राचार्य डॉ ए पी नायक , डॉ अनिल व डॉ नरेश भार्गव के साथ राजपति देवी व उनका बेटा।

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