
मराठी विषय न पढ़ाने वाली स्कूलों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई! थेट आदेश से खलबली मची, अब क्या होगा?
राज्य में 2020 से सभी प्रकार की स्कूलों सरकारी से लेकर निजी, CBSE, ICSE, IB तक – में मराठी विषय अनिवार्य है। लेकिन कई स्कूलों ने इस नियम की जमकर अवहेलना की। अब महाराष्ट्र सरकार ने जोरदार एक्शन लेने का फैसला किया है। मराठी न पढ़ाने वाली स्कूलों पर सख्त कार्रवाई का बिल्कुल सीधा आदेश जारी
क्या है पूरा मामला ?
महाराष्ट्र शासन की 1 मार्च 2020 की अधिसूचना स्पष्ट कहती है: राज्य की हर स्कूल में मराठी भाषा का अध्यापन और अध्ययन अनिवार्य। ये नियम शासकीय, खासगी और सभी बोर्डों की स्कूलों पर बाध्यकारी। लेकिन कई बड़े-नाम वाले निजी स्कूल आज भी इसकी अनदेखी कर रहे थे। पहले हिंदी विषय को अनिवार्य करने का विवाद हुआ था। तब पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और मनसे चीफ राज ठाकरे ने मुंबई में संयुक्त मोर्चा निकाला। दबाव बढ़ने पर सरकार ने हिंदी अनिवार्यता के फैसले वापस ले लिए।
सरकार का तगड़ा आदेश, कार्रवाई शुरू
मनसे नेता अमित ठाकरे ने सरकार को पत्र देकर पुराने आदेश का हवाला देते हुए मराठी अनिवार्यता की तत्काल लागू करने की मांग की। इस पर सरकार हरकत में आई। शिक्षा आयुक्त को तुरंत जांच करने, रिपोर्ट देने और जरूरी कार्रवाई के निर्देश जारी। जिले-दर-जिले स्कूलों की तपास होगी, नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना से लेकर अन्य सजाएं लगेंगी।
इस फैसले से शिक्षा जगत में खलबली मच गई है। नामी स्कूलों पर क्या बीतेगी? आने वाले दिनों में ये देखना रोचक रहेगा।