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बात कड़वी है मगर कहना जरूरी है ✍️✍️👇👇


देखिए आज UGC को लेकर किस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी जी को गालियां (धमकियां ) दी जा रही है ।

लेकिन सवाल वही जब समानता की बात होती है और केंद्र सरकार की नीतियों जैसे। वक्फ कानून , तीन तलाक , मदरसे इबादतगाहों पर बुल्डोजर,का विरोध मुसलमान करता है तो उसे पाकिस्तान चले जाओ कि सलाह देती जाती है और यही केंद्र सरकार की आलोचना लोगों को सुनना पसंद नहीं आता और आज UGC को लेकर नया नियम ( कानून ) बना तो तमाम लोग उसके विरोध में गालियों पर गालियां बीजेपी को दी जाने लगी ।

तो सवाल वही सरकार और जनता दोनों से आखिर सरकारों का विरोध करना क्या किसी और को हक नहीं ?

क्या ऐसी धमकियां देना उचित है ?

क्या इंसाफ का साथ सरकारें देती है ?

या जब किसी और की हक की बात आती है तो सामने वाले उल्टा समर्थन के बजाय सरकारों का समर्थन करती है तो क्या किसी और का हक दबाया नहीं जाता ?

या यू कहे कि ये सब अपने फायदे के लिए ही किया जाता है

और जब बात इंसाफ की होती तो दूसरे के हक का होता है तो उल्टा लोग नीतियों के विरोध के विरोध का ही विरोध करने लगते है ? फिर समानता की बात कहां है ?

✍️✍️✍️Gulshad Raza

#UGC #लोकतंत्र #संविधान #समानता #इंसाफ #अभिव्यक्ति_की_आज़ादी
#DoubleStandards #MinorityRights #JusticeForAll #सवाल_पूछना_हक_है #India

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