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समय सीमा में सीमांकन प्रकरणों का निराकरण नहीं, बड़ौदा तहसीलदार पर जुर्माना।

✍🏻श्योपुर, 27 जनवरी 2026।
मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा द्वारा तहसील बड़ौदा के तहसीलदार श्री सुरेश राठौर पर 6 हजार 500 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है। यह कार्यवाही सीमांकन से संबंधित दो आवेदनों का समय पर निराकरण नहीं किए जाने के कारण की गई है।
जारी आदेश के अनुसार आवेदक श्री नईम अंसारी द्वारा भूमि सीमांकन के लिए लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसका निराकरण 24 दिसंबर 2025 तक किया जाना था। लेकिन उक्त आवेदन का निराकरण 14 दिवस की देरी से किया गया। इस विलंब पर 250 रुपये प्रति दिवस के मान से 3 हजार 500 रुपये की शास्ति लगाई गई है।
इसी प्रकार आवेदिका श्रीमती लक्ष्मी जाट द्वारा भूमि सीमांकन हेतु दिए गए आवेदन का निराकरण निर्धारित तिथि 26 दिसंबर 2025 के स्थान पर 12 दिवस विलंब से किया गया। इस प्रकरण में 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
दोनों मामलों में समय-सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 6 हजार 500 रुपये की शास्ति तहसीलदार पर अधिरोपित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसी कार्यवाही जारी रहेगी।

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