
गणतंत्र दिवस पर सूर्यांश धारीवाल ने दी शुभकामनाएं, संविधान और राष्ट्रवाद के प्रति निष्ठा का संदेश
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हिंदू महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री सूर्यांश धारीवाल ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रवाद, संविधान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक आत्मा, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है।
सूर्यांश धारीवाल ने अपने संदेश में कहा कि 26 जनवरी वह ऐतिहासिक दिन है, जब भारत ने स्वयं को एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया। यह दिन हमें संविधान के प्रति आस्था रखने, अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन करने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उनके अनुसार सशक्त भारत का निर्माण केवल नारों से नहीं, बल्कि शिक्षा, अनुशासन, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण से संभव है।
प्रदेश संगठन मंत्री ने यह भी कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में निहित है और सभी नागरिकों का दायित्व है कि वे आपसी सौहार्द, भाईचारे और संविधान सम्मत मूल्यों को बनाए रखें। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन उनके त्याग और बलिदान को स्मरण करने का अवसर भी है।
अंत में सूर्यांश धारीवाल ने कामना की कि भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो और विश्व पटल पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित रहे।
— एडवोकेट ऋषभ पराशर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIMA मीडिया युवा प्रकोष्ठ