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कर्मयोग और संस्कार आधारित शिक्षा से ही श्रेष्ठ नागरिकों का निर्माण : लोकसभा अध्यक्ष।

कोटा। श्रीकृष्ण का जीवन कर्मयोग, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण का संदेश देता है। इन सिद्धांतों को शिक्षा प्रणाली में अपनाकर विद्यार्थियों को श्रेष्ठ नागरिक बनाया जा सकता है। विद्यालय का लक्ष्य होना चाहिए कि प्रत्येक छात्र न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे, बल्कि संस्कारयुक्त जीवन मूल्यों के साथ समाज और राष्ट्र का नेतृत्व करने में सक्षम बने। यह विचार लोकसभा अध्यक्ष ने रविवार को श्रीनाथपुरम, सेक्टर-ए स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल परिसर में नवनिर्मित एमपीएसके कॉन्फ्रेंस हॉल के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए।

उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों से नियमित संवाद कर उनकी सोच, रुचि, पारिवारिक परिवेश और क्षमताओं को समझा जाए तथा इसी नवीन कॉन्फ्रेंस हॉल में इस प्रकार के शैक्षणिक मंथन आयोजित किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को दिशा मिल सके।

माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने कहा कि समाज द्वारा शीघ्र नया भवन अत्याधुनिक एवं नवीन सुविधाओं से युक्त बनेगा और यह कॉन्फ्रेंस हॉल उसी दिशा में एक सशक्त उदाहरण है। उन्होंने बताया कि यह हॉल आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों, संगोष्ठियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं सांस्कृतिक आयोजनों को बेहतर मंच प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में मंत्री बिट्ठलदास मूंदड़ा ने आभार व्यक्त किया। प्रशासक राजेन्द्र कुमार जैन एवं माहेश्वरी समाज के पदाधिकारियों ने लोकसभा अध्यक्ष का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। प्राचार्य अमित शर्मा ने स्वागत भाषण दिया तथा उप-प्राचार्या भक्ति निगम ने मंच संचालन किया।

इस अवसर पर माहेश्वरी समाज कोटा के मंत्री बिट्ठलदास मूंदड़ा, प्रदेशाध्यक्ष महेशचंद अजमेरा, उपाध्यक्ष नंद किशोर काल्या, सहसचिव घनश्याम मुंद्रा, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार शारदा सहित भगवान बिरला, प्रमोद भंडारी, नारायण कालानी, आशा माहेश्वरी, प्रीति राठी, पूर्व अध्यक्षगण एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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