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नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ को मिला प्रशासनिक नेतृत्व, वरिष्ठ चिकित्सकों को सौंपा गया महत्वपूर्ण दायित्व

एमसीबी/24 जनवरी 2026/* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विशेष प्रयासों से छत्तीसगढ़ राज्य शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ की स्थापना को सुदृढ़ एवं प्रभावी रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महाविद्यालय के सुचारू, व्यवस्थित और प्रभावी संचालन हेतु शासन द्वारा आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए वरिष्ठ एवं अनुभवी चिकित्सा शिक्षकों को अतिरिक्त प्रभार सौंपने संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।
शासन आदेशानुसार डॉ. रंजना सिंह आर्या, जो वर्तमान में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर में संचालक सह प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं, को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ के अधिष्ठाता का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा यह जिम्मेदारी प्रदान की गई है, जिससे नवीन चिकित्सा महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संरचना को सशक्त आधार मिल सके।
इसी क्रम में डॉ. अरूणेश सिंह, वर्तमान में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर में प्राध्यापक एवं अस्थिरोग विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय, मनेन्द्रगढ़ के अस्पताल अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उनके अनुभव से अस्पताल प्रबंधन, रोगी सेवाओं एवं चिकित्सकीय सुविधाओं के संचालन में उल्लेखनीय सुधार की अपेक्षा की जा रही है। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिनांक 24 जनवरी 2026 को अपने-अपने अतिरिक्त दायित्वों का विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया गया है। शासन द्वारा यह व्यवस्था आगामी आदेश पर्यन्त अस्थायी रूप से की गई है, ताकि नवीन चिकित्सा महाविद्यालय के प्रारंभिक चरण में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी कठिनाई उत्पन्न न हो।
नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ की स्थापना मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इससे आम नागरिकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त होंगी, वहीं क्षेत्र के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
यह चिकित्सा महाविद्यालय क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। राज्य शासन के इस निर्णय का स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा स्वागत किया गया है। यह पहल मनेन्द्रगढ़ अंचल को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी कदम के रूप में देखी जा रही l

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