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अटलावदा में एक भी मुस्लिम भी नहीं फिर भी पकड़ा दिए आपत्ति के आवेदन दोबारा आई आवेदन में 6 में से मात्र दो निकले गांव के दूसरे दिन भी सैकड़ो मतदान...

अटलावदा में एक भी मुस्लिम भी नहीं, फिर भी पकड़ा दिए आपत्ति के आवेदन, दोबारा आई आवेदन में 6 में से मात्र 2 निकले गांव के
दूसरे दिन भी सैकड़ों मतदाताओं ने एसडीएम कार्यालय का किया घेराव, एसडीएम ने दिया स्पॉट वेरिफिकेशन का आश्वासन

खाचरोद/गिरधारी लाल गेहलोत जन जन की आवाज की खास खबर

खाचरोद/नागदा। एसआईआर के दावे-आपत्तियों का दौर जारी है। जिसमें अब तक हजारों आपत्तियां आ चुकी है। इन आपत्तियों को स्थानीय निर्वाचन कार्यालय द्वारा ऑनलाइन अपलोड कर उसका निराकरण बीएलओ के माध्यम से करा रहा है। ताकि निराकरण भी ऑनलाइन ही नजर भी आए। हालही में ऐसी ही आपत्तियों में एक मामला तहसील कार्यालय में चर्चा में बना हुआ है। बताया गया कि अटलावदा में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है, फिर भी बीएलओ को लगभग 20 नामों की आपत्ति दे दी गई। जब बीएलओ ने वेरिफिकेशन किया तो पता चला कि यह नाम अटलावदा के नहीं, बल्कि बेड़ावन्या गांव के थे। इसके बाद दोबारा 6 नामों की आपत्ति अटलावदा में आई। जिसमें से मात्र 2 ही लोग अटलावदा के थे, शेष नाम गांव के नहीं थे। जिस पर बीएलओ ने वेरिफिकेशन कर इन दो लोगों के गांव में होने की जानकारी भी स्थानीय निर्वाचन कार्यालय में दी है। यह एक मात्र उदाहरण है, इसके अलावा भी कई मामले ऐसे है, जहां आपत्तियां ऐसे लोगों पर लगाई गई है, जो नाम कभी वहां मौजूद ही नहीं थे या फिर उक्त गांव या वार्ड में ही निवास करते है। ऐसे में बीएलओ की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि एसआईआर में जिन लोगों का वेरिफिकेशन उन्होंने पहले ही कर दिया है, अब उनका सत्यापन दोबारा करना पड़ रहा है।
लिए जाएंगे।
दूसरे दिन भी सैकड़ों मतदाता पहुंचे एसडीएम कार्यालय, ज्ञापन सौंपा
23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची पर एकमुश्त प्रारूप-7 के माध्यम से हजारों मतदाताओं के नाम काटे जाने की आपत्तियों को लेकर मतदाताओं में असंतोष है। इसके विरोध में गुरुवार को वैध मतदाताओं ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने मतदाताओं के साथ एसडीएम रंजना पाटीदार और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मधु नायक से चर्चा की। जिसमें आरोप लगाया कि बिना स्थल जांच के बीएलओ पर दबाव बनाकर निर्वाचन कार्यालय में बैठाकर प्रारूप-7 की आपत्तियों को निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कराया जा रहा है, जिससे वैध मतदाताओं के नाम स्वतः विलोपित होने की आशंका है। एक ही व्यक्ति द्वारा नियम विरूद्ध कई मतदान केंद्रों पर थोकबंद आपत्तियां बगैर प्रमाण के फर्जी हस्ताक्षरों से की जा रही है। जबकि भारत निर्वाचन आयोग का नियम है कि कोई भी व्यक्ति एक साथ थोकबंद आपत्तियां बिना प्रमाण के नही दे सकता है, हर आपत्ति के साथ ठोस प्रमाण देना अनिवार्य है। मामले की गंभीरता को लेकर एसडीएम रंजना पाटीदार और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मधु नायक ने उपस्थित मतदाताओं को आश्वस्त किया कि प्रत्येक आपत्ति पर संबंधित मतदाता को विधिवत नोटिस दिया जाएगा। साथ ही दल गठित कर घर-घर जाकर स्पॉट वेरिफिकेशन के माध्यम से मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि गठित सत्यापन दल में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत बीएलए को शामिल किया जाएगा।जांच के दौरान पंचनामा तैयार कर बीएलओ और बीएलए के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, आपत्ति प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति को भी नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाएगा।
यह थे मौजूद
इस दौरान युसुफ पहलवान, अमजद लाला, डब्बु मंसूरी, अययुब मेव, असलम वकील, राधे जायसवाल, पार्षद आसिफ हुसैन, अब्दुल शरीफ, प्रमोद सिंह चौहान, रेखा राजकुमार राठौर, नौशाद खान, कमलेश चावंड, साबिर पटेल, सादिक मंसूरी, शाहरूख लाला आदि मतदाता मौजूद थे।
इधर कलेक्टर उज्जैन से की मुलाकात
उज्जैन कलेक्टर रोशनसिंह से जिला कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक महेश परमार, पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर, निर्वाचन प्रभारी हेमंत जोहरी, राधे जायसवाल आदि ने चर्चा की। आरोप लगाया कि रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बीएलओ पर दबाव बनाकर प्ररूप-7 की बगैर जांच करे ऑनलाईन अपलोड करने के लिए दबाव बना रहे है। प्राप्त आपत्तियों की बीएलओ से घर-घर जाकर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश प्रदान करे। आपत्ति सही मिलती है तो बीएलओ पर कार्रवाई करे और नियम विरूद्ध आपत्तियां गलत मिलती है तो आपत्तिकर्ता पर कार्रवाई की जाए।

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