
तरनजोत का कातल ना कोई दुश्मन ना कोई होर।
स्कूल से आते घेर लिया, वो थी चाइना डोर।।
होशियारपुर: 25th.जनवरी, 2026(Buta Thakur)
भले ही चाइना डोर पर सरकार की तरफ से पूरी तरह बैन लगाया गया है पर फिरभी चिट्टे नशे की तर्ज़ पर इसकी तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। गली कूचे के दुकानदार चोरी छुपे विक्री कर रहे हैं और गांव शहरों के अबोध बच्चे चोरी छुपे हैंड टू हैंड विक्री करके रोज़गार धंधा बनाए हुए हैं। जिससे से यह कातलाना डोर आम बच्चों के हाथों में पहुंच कर पशु पक्षियों की बे रहम मौत का कारण बनने के साथ साथ इंसानों की भी हंसती खेलती जिंदगी को निगल रही है।
बीते दिन समराला बाईपास गांव भरथला, लुधियाना (पंजाब) के सरपंच का इकलौता बेटा तरनजोत जो 15 साल की उम्र में था स्कूल से वापिस आते समय मेन रोड पर आर पार फंसी हुई चाइना डोर के फंदे में जा फंसा जिससे उसकी गर्दन बुरी तरह कट गई और चंद मिनटों में ही मौत का निवाला बन गया। इस दुखदाई खबर से दूर दूर तक मातम पसर गया। अब लोगों के दिलो दिमाग पर इसका गहरा असर देखने को मिल रहा है कि ना जाने कब, कहां किस मोड़ पर चाइना डोर अपना खेल खेलदे कोई पता नहीं है। जरूरत है कि प्रशाशन इस पर बारीकी से काम करे। समाज के आम लोगों की भी पूर्णतः जिम्मेवारी बनती है कि चाइना डोर के तस्करों की जानकारी प्रशासन को मुहैया कराएं, बच्चों पर भी कड़ी नज़र रखी जाए। वरना जानलेवा चाइना डोर का यह खूनी खेल रुकने वाला नहीं है। जागरूक बने और सेफ रहें।