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अस्पताल की सभी डेंटल चेयर खराब बढ़ा दांतों का दर्द और इलाज का खर्च

झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के एसआरजी अस्पताल की तीनों डेंटल चेयर तीन माह से खराब है। इंजीनियर इन्हें ठीक करने तो आए, लेकिन इनके पार्ट्‌स नहीं मिले। रोजाना करीब पचास दंत रोगी या तो निराश लौट रहे हैं या निजी क्लिनिकों में महंगा इलाज करवाने को विवश हैं।
मेडिकल कॉलेज के दंत विभाग में 10 साल पहले तीन डेंटल चेयर मिली थी। इनका उपयोग लगातार होने से इनके पार्ट्‌स जवाब दे गए हैं। जिससे आए दिन यह डेंटल चेयर खराब हो जाती है। इनके बार-बार खराब होने से विभाग ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को नई डेंटल चेयर के प्रस्ताव भेजे रखे हैं। लेकिन नई चेयर को स्वीकृति मिलने तक पुरानी मशीनों को ही ठीक कराकर काम चलाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की दांतों संबंधी कुछ बीमारियों का उपचार वे ऑपरेशन थियेटर में कर रहे हैं। जबकि रोगियों का कहना है कि जिले के दूर दराज के गांवों कस्बों से सुबह जल्द 50 से 80 किलोमीटर का सफर कर रोगी झालावाड़ आते हैं। यहां उनको उपचार मिल पा रहा है। मजबूरन दांतों का दर्द लिए उनको निजी डेंटल क्लिनिकों पर इलाज कराना पड़ रहा है। पार्ट्‌स का इंतजार, अभी ओटी में इलाज
दंत विभाग में तीनों डेंटल चेयर खराब हो गई थी। जिनको कुछ दिन पहले इंजीनियर ठीक करने आए थे, लेकिन पार्ट्‌स नहीं मिलने से ठीक नहीं हो पाई। जयपुर से पार्ट्‌स मंगवाए हैं। दांतों संबंधी कुछ बीमारियों का इलाज ऑपरेशन थियेटर में कर रहे हैं। पार्ट्‌स आते ही मशीनों में लगाकर उनको चालू करवाया जाएगा।

-डॉ. अपर्णा, एचओडी, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज
झालावाड़ डेढ़ महीने से आरसीटी बंद अस्पताल में डेढ़ महीने से ज्यादा समय से आरसीटी चालू नहीं हो पाई है। जबकि डेंटल विभाग में सबसे ज्यादा मरीज आरसीटी के ही आते है। पूर्व में आरसीटी और अन्य जांचों के लिए भी तारीखें दी जाती थी। अब तो डेंटल चेयर ठीक होने पर ही मरीजों को तारीख दी जाएगी।

Aima media jhalawar








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