उन सभी लोगों के संबन्ध में सोचिए जो आपके भागने से प्रभावित होंगे:
बेटी ने फोन किया " पापा, पहली ट्रेन मिस हो गई। दूसरी ट्रेन से आ रही हूँ। रात को तीन बजे पहुँचू पाऊँगी। मेरे साथ मेरी सहेली भी है। आप चिंता मत करना। " पिता गुस्से मे बोले " बेटा रात को आना जरूरी था क्या? कल सुबह की ट्रेन पकड़ लेती।" बेटी बोली " पापा दिवाली की छुट्टियां शुरू हो गई है होस्टल बन्द हो गया। इसलिए आज ही आना पड़ा।" उसके बाद बेटी ने फोन काट दिया। मगर पिता की नींद उड़ गई। रात मे हर दस मिनिट बाद बेटी को फोन करता रहा। करवटें बदलता रहा। रात के तीन बजते ही वह स्टेशन पहुँच गया। ज्यों ही बेटी को सही सलामत घर लेकर आया। तुरंत नींद आ गई। अब सोचिये जिस बाप की बेटी किसी अनजान के साथ भाग जाए वो उस बाप को नींद कैसे आती होगी?? इसलिए भूल कर भी ऐसा कदम मत उठाइये। एक पिता ये सदमा सहन नही कर पाता। कुछ पिता तो मर जाते है। कुछ जिंदा तो रहते है मगर जिंदगी मरे हुए से भी बुरी हो जाती है,