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रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को मिली बड़ी प्रशासनिक मजबूती, जिला चिकित्सालय चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन #upendrasingh

रुद्रपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक सत्रों के सुचारु संचालन और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए उत्तराखंड शासन ने एक अहम प्रशासनिक फैसला लिया है। शासन से जारी आदेश के अनुसार जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से अलग करते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन कर दिया गया है। यह आदेश शुक्रवार से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
शासनादेश के तहत अब जिला चिकित्सालय का प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण सीधे राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं निदेशक के अधीन रहेगा। इससे मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के बीच वर्षों से चली आ रही दोहरी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से मरीजों को बेहतर, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलेगा, वहीं मेडिकल छात्रों को भी एक ही परिसर में आवश्यक क्लीनिकल प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिला चिकित्सालय में एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) मानकों के अनुरूप जिन उपकरणों और दवाओं की कमी है, उनकी व्यवस्था अब चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा की जाएगी। इससे अस्पताल की आधारभूत संरचना, जांच सुविधाओं, ओपीडी और आईपीडी सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। लंबे समय से उपकरणों और औषधियों की कमी को लेकर उठ रहे सवालों पर शासन का यह निर्णय एक ठोस और प्रभावी कदम माना जा रहा है।
कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शासन ने संक्रमणकालीन व्यवस्था भी तय की है। जिला चिकित्सालय में कार्यरत समस्त स्टाफ का वेतन भुगतान एक वर्ष तक पूर्व की भांति चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही किया जाएगा। एक वर्ष की अवधि पूर्ण होने के बाद जिला चिकित्सालय और उससे संबद्ध सभी चिकित्सा इकाइयों का पूर्ण संचालन विधिवत रूप से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन आ जाएगा। इससे कर्मचारियों को किसी प्रकार की सेवा या वेतन संबंधी असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल ने इसे मेडिकल कॉलेज के लिए टर्निंग पॉइंट बताया। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय के चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन आने से शैक्षणिक और चिकित्सकीय दोनों स्तरों पर एकरूपता आएगी। अब छात्र, चिकित्सक और प्रशासन एक ही प्रणाली के तहत कार्य करेंगे, जिससे पढ़ाई, प्रशिक्षण और उपचार की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा। कॉलेज प्रशासन प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक उपकरणों, दवाओं और मानव संसाधन की समीक्षा कर एनएमसी मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी करेगा।
वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने कहा कि यह निर्णय संक्रमणकालीन व्यवस्था के तहत सुव्यवस्थित ढंग से लागू किया जाएगा, ताकि आम जनता और कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला चिकित्सालय के हस्तांतरण के बावजूद मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ववत निर्बाध रूप से चलती रहेंगी। ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवाएं और सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम यथावत संचालित किए जाएंगे।
शासन के इस फैसले से रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा शिक्षा दोनों मजबूत होंगी।

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