
बाबा बसावन भुइँया स्थान पर उमड़ा आस्था का सैलाब, पशुओं की अच्छी सेहत मनोकामनाएँ पूर्ण होने के लिए श्रद्धालुओं ने चढ़ाया दूध...
हाजीपुर/वैशाली, बिहार
हाजीपुर प्रखंड के पानापुर लंगा पंचायत स्थित बाबा बसावन भुइँया स्थान मंदिर पर बसंत पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों पशुपालकों और किसानों ने बाबा के दरबार में दूध से अभिषेक कर अपने पशुओं की रक्षा और मनोकामनाएँ पूर्ण होने सहित सुख-समृद्धि की मन्नत माँगी।
मेला परिसर में सुबह से ही ढोलक,झाल-मृदंग और पारंपरिक गीतों की गूंज रही। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते पशुपालकों ने मंदिर में पुरे आस्था के साथ दूध और मिठाई अर्पित किया। यहां पर स्थानीय मान्यता है कि यहाँ दूध चढ़ाने से न केवल मवेशी निरोग रहते हैं, बल्कि उनकी दुग्ध क्षमता और उम्र में भी वृद्धि होती है साथ में कई श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूरी होने पर नंगे पाँव बाबा के दर्शन करने पहुँचे हैं और दुध एवं मिठाई अर्पित करते हैं।
मंदिर न्यास समिति के सदस्यों ने बताया कि इस स्थान का इतिहास लगभग डेढ़ सौ साल पुराना है। पहले यहाँ एक विशाल बरगद का पेड़ हुआ करता था, जो धीरे-धीरे पशुपालकों की अटूट आस्था का केंद्र बन गया। इसके बाद इस मंदिर की विधिवत स्थापना हुई।
बसंत पंचमी पर लगने वाले इस विशेष मेले के लिए मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर के इर्द-गिर्द दायरे में लगे मेले में प्रसाद और भभूत (विभूति) लेने के लिए लंबी कतारें देखी गईं, जिसे श्रद्धालु अपने पशुओं के लिए अत्यंत लाभकारी मानते हैं। इतना बड़ा मंदिर और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था होने के बाद भी आज तक सरकार इसे पर्यटक स्थल के रूप में नहीं जोड़ सके। जो सरकार के इस मंदिर के प्रति उदासीनता रवैये को दर्शाता है।