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संविधान निर्माण के अनछुए पहलुओं पर आगरा में संवाद कार्यक्रम आयोजित

आगरा। वंचित वर्ग संगठन द्वारा 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूथ हॉस्टल में “संविधान निर्माण के अनछुए पहलू” विषय पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संविधान निर्माण से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक पक्षों पर चर्चा कर जन-जागरूकता फैलाना रहा।
संस्था के संस्थापक-संयोजक डॉ. राजा राम ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान की प्रस्तावना 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा दिए गए भाषण के आधार पर तैयार की गई थी। उन्होंने बताया कि संविधान सभा के लिए गठित चार प्रमुख समितियों में डॉ. भीमराव आंबेडकर शामिल नहीं थे और इन समितियों का नेतृत्व पंडित नेहरू व सरदार पटेल ने किया था।
डॉ. राजा राम ने यह भी कहा कि संविधान सभा का गठन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से नहीं हुआ था और उस समय देश के लाखों गांवों का प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व इसमें नहीं था। उनके अनुसार, मतदान का अधिकार सीमित वर्ग तक था, जिससे मजदूर, किसान और वंचित तबके पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व नहीं पा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि संविधान का प्रारंभिक मसौदा सर बी.एन. राव द्वारा तैयार किया गया था और बाद में डॉ. आंबेडकर की अध्यक्षता में बनी ड्राफ्टिंग कमेटी ने अंतिम प्रारूप को विधिवत रूप दिया। वक्ताओं ने संविधान की ऐतिहासिक प्रक्रिया को जानने और उस पर विमर्श की आवश्यकता पर बल दिया।

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