बालिका दिवस: बेटी से ही भविष्य
बालिका दिवस समाज को यह याद दिलाता है कि बेटियाँ बोझ नहीं, बल्कि परिवार और देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। आज भी कई स्थानों पर बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसर नहीं मिल पाते, जो गंभीर चिंता का विषय है।जब बालिकाओं को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर दिया जाता है, तो वे समाज को नई दिशा देती हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएँ तभी सफल होंगी, जब समाज की सोच बदलेगी।बालिका दिवस पर यही संकल्प हो —बेटी को जन्म दें, सम्मान दें और शिक्षा दें।क्योंकि सशक्त बालिका से ही सशक्त भारत बनेगा।(संतोष प्रसाद )