
ज्ञान और शक्ति राष्ट्र को समृद्ध बनाते है :आचार्य संजीव रूप
संवाददाता देव ठाकुर
बिल्सी ! तहसील क्षेत्र के गुधनी गांव में स्थित आर्य संस्कारशाला गुरुकुल में बसंत पंचमी का पर्व धार्मिक अनुष्ठान के साथ मनाया गया ! अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने इस अवसर पर यज्ञ किया तथा बसंत पंचमी का महत्व सभी को समझाया ! इस अवसर पर आचार्य संजीव रूप ने कहा " ज्ञान और शक्ति दोनों मिलकर राष्ट्र को समृद्ध बनाते हैं । यदि आप शक्तिशाली हैं लेकिन विचार पूर्वक ज्ञान पूर्वक कार्य नहीं करते तो आप असफल हो जाते हैं ! आपके पास ज्ञान तो खूब है किंतु शक्ति नहीं है तब भीआप उन्नति नहीं कर सकते ! आज संसार में जितने भी अमेरिका रूस जापान इसराइल चीन जर्मनी जैसे देश है यह सब ज्ञान और शक्ति के उपासक हैं , इसीलिए समृद्ध है ! हम केवल प्रतीकात्मक पूजा तक ना रह जाए हमें सरस्वती के वास्तविक अर्थ का चिंतन करना होगा ! सरस्वती का मूल अर्थ ज्ञान ही है ! हमें हर क्षेत्र में ज्ञान हासिल करना होगा और अपने ज्ञान को उन्नत करके शक्तिशाली बन करके हम अपने भविष्य को भी बेहतर बना सकते हैं, फिर से विश्व के गुरु और सोने की चिड़िया हो सकते है। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुत किए " कार्यक्रम में आचार्य तृप्ति आर्य, तान्या , कौशिकी रानी श्रीमती संतोष कुमारी श्रीमती सुरजवती देवी,पंजाब सिंह राकेश आर्य आदि मौजूद रहे |