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बुरहानपुर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस के प्रयासों से आयुर्वेद कॉलेज को 90 लाख रुपए की नवीन भवन हेतु प्रशासनिक स्वीकृति।

बुरहानपुर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस के प्रयासों से आयुर्वेद कॉलेज को 90 लाख रुपए की नवीन भवन हेतु प्रशासनिक स्वीकृति।
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संवाददाता ✍️...
सादिक अख्तर
जिला बुरहानपुर, मध्यप्रदेश

बुरहानपुर। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के निरंतर प्रयासों से बुरहानपुर स्थित पं. शिवनाथ शास्त्री शास. स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) अंतर्गत राज्य वार्षिक कार्ययोजना 2025-26 के तहत महाविद्यालय में नवीन व्याख्यान कक्ष भवन निर्माण हेतु 90 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मप्र आयुष संचालनालय द्वारा जारी की गई है। यह नई स्वीकृति संस्थान की शैक्षणिक अधोसंरचना अंतर्गत एनसीआईएसएम नई दिल्ली के मापदंडों की पूर्ति करेगी तथा विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि इस स्वीकृति से बुरहानपुर के विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं आयुष मंत्री इंदरसिंह परमार का आभार व्यक्त किया।
*पूर्व में भी दिलाई गई थी बड़ी स्वीकृति*
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि पूर्व में उनके सतत प्रयासों से महाविद्यालय के छात्रावास एवं फार्मेसी भवन निर्माण हेतु 16 करोड़ 75 लाख रुपए की ऐतिहासिक स्वीकृति प्राप्त कराई गई थी। इस स्वीकृति से 50 सीटर बालिका छात्रावास, 100 सीटर बालक छात्रावास तथा फार्मेसी भवन निर्माण कार्य स्वीकृत हुए, जिससे विद्यार्थियों को आवासीय एवं अध्ययन सुविधाओं में बड़ा सुधार हुआ।
*अर्चना चिटनिस के प्रयासों से पुनर्जीवित हुआ संस्थान*
श्रीमती अर्चना चिटनिस के प्रयासों से महाविद्यालय की मान्यता पुनः बहाल कराई गई, जिससे आयुर्वेद शिक्षा को नई ऊर्जा मिली और बुरहानपुर के विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर पलायन से राहत मिली। इसके बाद आवश्यक स्टाफ स्वीकृति, अधोसंरचना विस्तार, भवन निर्माण एवं पहुंच मार्ग जैसे अनेक विकास कार्य उनके प्रयासों से संभव हो सके।
*आज मध्यप्रदेश का प्रमुख आयुर्वेद संस्थान*
वर्तमान में महाविद्यालय में 412 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा 31 एकड़ के विशाल परिसर के साथ यह मध्यप्रदेश का सर्वाधिक भूमि क्षेत्र वाला आयुर्वेदिक महाविद्यालय है। संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा के कारण महाराष्ट्र एवं गुजरात से भी बड़ी संख्या में रोगी उपचार हेतु यहां पहुंच रहे हैं।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर में आयुर्वेद चिकित्सा एवं शिक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना उनका संकल्प है। भविष्य में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने एवं आयुष की अन्य विधाओं के शिक्षण संस्थान स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रगतिरत है।

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