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फर्जी पट्टा प्रकरण में बड़ा खुलासा : तत्कालीन सरपंच एवं निवर्तमान चेयरमैन विजय कुमार शर्मा, ग्राम सेवक पुष्पेंद्र यादव सहित कई आरोपी नामजद

(सिंघाना) तात्कालिक ग्राम पंचायत एवं वर्तमान नगरपालिका सिंघाना में हुए फर्जी पट्टा जारी करने के गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच एवं निवर्तमान चेयरमैन विजय कुमार पांडे, ग्राम सेवक पुष्पेंद्र यादव आदि ने मिलीभगत कर सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करते हुए एक आवासीय पट्टा फर्जी तरीके से जारी कराया।

एफआईआर के अनुसार परिवादी अरविंद मिश्रा ने बताया कि उसकी पुश्तैनी हवेली/मकान पर जबरन कब्जे का प्रयास किया गया। बाद में यह सामने आया कि वर्ष 2022 में ग्राम पंचायत सिंघाना की बैठक दिखाकर फर्जी प्रस्ताव संख्या 026, पट्टा संख्या 062 दिनांक 07.06.2022 तैयार किया गया, जबकि नगर पालिका एवं ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में ऐसा कोई वैध प्रस्ताव मौजूद नहीं था।

एफआईआर में नामजद आरोपी

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस प्रकरण में निम्न व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है—
1. विजय कुमार शर्मा – तत्कालीन सरपंच, निवर्तमान चैयरमैन, सिंघाना
2. पुष्पेन्द्र यादव – तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (ग्राम सेवक)
3. विनय कान्त शर्मा – निवासी सिंघाना (फर्जी पट्टा बनवाकर लाभ लेने का आरोप)
4. झाबरमल पुत्र हनुमान प्रसाद अहिर – पट्टा तैयार कराने में सहयोग का आरोप
5. अन्य संबंधित व्यक्ति/सहयोगी – जिनकी भूमिका की जांच जारी है

क्या है आरोप
ग्राम पंचायत की बैठक का फर्जी प्रस्ताव तैयार करना
बिना वास्तविक स्वामित्व के पट्टा जारी करना
सरकारी दस्तावेजों में कूटरचना कर पट्टा पंजीकरण कराना
फर्जी पट्टे के आधार पर संपत्ति का क्रय–विक्रय करना
परिवादी को धमकाकर कब्जा करने का प्रयास

पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने मामले में धारा 318(4), 316(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2) बीएनएस सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। नगर पालिका सिंघाना, ग्राम पंचायत रिकॉर्ड, पट्टा रजिस्टर, उप-पंजीयक कार्यालय के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत सिंघाना में जमकर भ्रष्टाचार किया गया था इसमें यह पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण है। अब क्षेत्रवासी मांग कर रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और फर्जी पट्टों की व्यापक जांच कराई जाए।

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