
कुछ अपराध शरीर पर गहरे घाव छोड़ते हैं। इस अपराध ने एक बच्ची की आत्मा को झकझोर दिया। एक हफ्ते तक बच्ची मौन रही, लेकिन उसका मौन तोड़ने के लिए पुलिस और ज
कुछ अपराध शरीर पर गहरे घाव छोड़ते हैं। इस अपराध ने एक बच्ची की आत्मा को झकझोर दिया। एक हफ्ते तक बच्ची मौन रही, लेकिन उसका मौन तोड़ने के लिए पुलिस और जज ने जो किया, वह पुलिस विभाग और न्यायपालिका में हमेशा याद रखा जाएगा। यह सब कुछ किसी फिल्म की कहानी जैसा था।
न्याय के लिए प्रतिबद्ध लोगों ने इस अत्यंत संवेदनशील मामले में इतनी लगन से काम किया कि हर कोई इन न्याय के रक्षकों का मुरीद हो जाए। जिन्होंने उसके टूटे हुए विश्वास को धीरे-धीरे फिर से स्थापित करके उसके हमलावर को न्याय के कटघरे में खड़ा किया। एक महीने के अंदर बच्ची से हैवानित करने वाले को मौत की सजा सुनाई गई। पुलिस वर्दी उतारकर बच्ची के दोस्त बनी तो जज ने कोर्ट छोड़कर बच्ची के साथ पानी पुरी खाया। महीने के अंदर बच्ची से हैवानित करने वाले को मौत की सजा हुई।
घटना गुजरात के राजकोट जिले की है। यहां अटकोट की सात वर्षीय बच्ची के साथ 4 दिसंबर को दरिंदगी हुई। बच्ची का अपहरण कर लोहे की रॉड से पीटा गया, उसके साथ दुष्कर्म किया गया। शारीरिक घाव गंभीर थे, लेकिन उससे ज्यादा उसे मानसिक आघात लगा था। छह दिनों तक उसने जांचकर्ताओं से एक शब्द भी नहीं कहा। वह पुलिस की वर्दी या वकील के काले वस्त्र को देखकर भी कांप उठती थी।
Dr Md Firoz Alam General Physician Director of Aleena health care Naraini with district presidents of AIMA MEDIA member of all india police friends organisation New Delhi member of JUH CYBERSECURITY
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