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महानगरपालिकाओं में महापौर पद के लिए आरक्षण घोषित

मुंबई: संवादाता

राज्य सरकार ने प्रदेश की 29 महानगरपालिकाओं में महापौर पद के लिए आरक्षण की घोषणा कर दी है। इस फैसले के बाद नगर निकाय महापौर चुनावों की तैयारियों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है। आरक्षण सूची सामने आते ही राजनीतिक दलों ने भी अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
घोषित आरक्षण के अनुसार बृहन्मुंबई महानगरपालिका में महापौर पद सामान्य वर्ग के लिए रहेगा। ठाणे में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षण रखा गया है, जबकि कल्याण-डोंबिवली में अनुसूचित जनजाति (एसटी) पुरुष वर्ग को मौका मिलेगा। नवी मुंबई, वसई-विरार, मीरा-भाईंदर, पुणे, नागपुर, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती, धुले, मालेगांव, सांगली-मिरज-कुपवाड, सोलापुर और परभणी में महापौर पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।
भिवंडी-निजामपुर में सामान्य महिला, पिंपरी-चिंचवड में सामान्य महिला, लातूर और जालना में अनुसूचित जाति (एससी) महिला, जबकि अहिल्यानगर, अकोला, चंद्रपुर, जळगांव और अमरावती में ओबीसी महिला के लिए आरक्षण घोषित किया गया है। उल्हासनगर में ओबीसी महिला या पुरुष, कोल्हापुर, इचलकरंजी और पनवेल में भी ओबीसी महिला या पुरुष के लिए महापौर पद आरक्षित रहेगा।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इस आरक्षण सूची से कई शहरों में समीकरण बदल सकते हैं। खासकर मुंबई महानगर क्षेत्र और पश्चिम महाराष्ट्र में पार्टियों के लिए उम्मीदवार चयन चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। वहीं महिला और पिछड़ा वर्ग के लिए बढ़े अवसरों को लेकर सामाजिक संगठनों ने फैसले का स्वागत किया है।

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