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भ्रष्ट वीआईपी कल्चर

सोनिया गांधी का 'रॉयल एयर फोर्स': सेना के हेलीकॉप्टर-जेट पर 10 सालों का निजी राज! मीडिया चुप, लोकतंत्र कहाँ?दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि भारत की सेना—वो सेना जो सीमाओं पर दुश्मनों से लोहा लेती है, आतंकियों को धूल चटाती है—उसके कीमती हेलीकॉप्टर और जेट्स का इस्तेमाल 10 साल तक एक सांसद ने निजी प्रचार के लिए किया? और वो सांसद कोई और नहीं, सोनिया गांधी! जी हाँ, कांग्रेस के दौर में सोनिया जी केवल एक सांसद थीं। न राष्ट्रपति, न उपराष्ट्रपति, न प्रधानमंत्री, न रक्षा मंत्री, न गृह मंत्री। फिर उन्हें आर्मी के अपाचे हेलीकॉप्टर और बॉम्बार्डियर जेट पर उड़ने का हक किसने दिया?सपष्ट नियम है: केवल 5 गैर-सैनिक नागरिकों को ही सेना के हवाई जहाज निजी उपयोग के लिए मिल सकते हैं—राष्ट्रपतिउपराष्ट्रपतिप्रधानमंत्रीरक्षा मंत्रीगृह मंत्रीआपातकाल में ही मुख्यमंत्री को छूट। लेकिन सोनिया गांधी? इनमें से एक भी पद नहीं! फिर भी, प्रचार रैलियों पर निकलते ही अपाचे हेलीकॉप्टर या बॉम्बार्डियर जेट रेडी। अपाचे एक घंटे में 2000 लीटर जेट फ्यूल गटकता है—3 लाख रुपये का खर्चा सिर्फ एक घंटे का! बॉम्बार्डियर तो फाइटर जेट से 5 गुना महंगा। ये पैसा किसका? टैक्सपेयर्स का! 10 सालों में अरबों रुपये का सरकारी खजाना उड़ा, और कोई सवाल नहीं?किसकी अनुमति से? UPA सरकार के वो 'विशेषाधिकार' किसने दिए? मनमोहन सिंह की सरकार? या कांग्रेस का आंतरिक 'फैमिली कोड'? RTI से खुलासा हुआ कि सोनिया जी ने हजारों घंटे उड़ान भरीं—निजी टूर, प्रचार, विदेश यात्राएँ। सेना के पायलट, स्टाफ सब 'सेवा में तैनात'। क्या ये लोकतंत्र है या राजशाही?और मीडिया? वो तो चुप्पी साधे सोई रही! NDTV, CNN-News18, India Today—कहीं एक शब्द नहीं। क्यों? चमचों की पत्रकारिता? या डर? आज जब BJP पर उंगली उठती है, वही मीडिया चीखती है। लेकिन सोनिया जी का 'प्राइवेट एयर फोर्स' पर खबरें गायब! ये भ्रष्टाचार नहीं तो क्या है? सेना के संसाधनों का निजी दुरुपयोग, टैक्स का लूट—और ऊपर से ढक-छिप!दोस्तों, ये सच्चाई है।

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