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मां नर्मदा के प्रथम पड़ाव पर गंदगी का सैलाब, परिक्रमावासियों का फूटा आक्रोश, डेमघाट पर चक्का जाम

डिंडोरी - मां नर्मदा की पवित्र परिक्रमा का पहला पड़ाव डिंडोरी, जहां श्रद्धालु नर्मदा दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते हैं, वही स्थान आज प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बनता नजर आया। डेमघाट पर नालियों का गंदा पानी सीधे मां नर्मदा में गिरता देख परिक्रमावासियों का सब्र जवाब दे गया।
बुधवार को नर्मदा परिक्रमा पर निकले लगभग 40 से 50 श्रद्धालुओं ने जब घाट पर बहती गंदगी देखी, तो वे भावुक हो उठे। श्रद्धा और आस्था को ठेस पहुंचने से आक्रोशित परिक्रमावासियों ने मुक्तिधाम मार्ग पर करीब आधे घंटे तक चक्का जाम कर विरोध दर्ज कराया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओपी सतीश द्विवेदी और तहसीलदार रामप्रसाद मार्को मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिक्रमावासियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और नगर पालिका के संबंधित कर्मचारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद परिक्रमावासियों ने जाम समाप्त किया।
इस विरोध के दौरान बड़ी संख्या में नर्मदा सेवक, स्थानीय श्रद्धालु और नगर के युवा भी मौके पर पहुंचे और परिक्रमावासियों के समर्थन में एकजुट दिखाई दिए।
मध्यप्रदेश के सागर जिले से नर्मदा परिक्रमा कर रहे श्रद्धालु शिवकुमार तिवारी ने कहा कि पूरे नर्मदा परिक्रमा मार्ग में उन्होंने कहीं भी ऐसी गंदगी नहीं देखी। उन्होंने इसे डिंडोरी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि स्वच्छता के दावों के बीच मां नर्मदा की पवित्रता से खुला समझौता किया जा रहा है।
वहीं परिक्रमावासी जागेश्वर गंधवाने ने बताया कि अमरकंटक से आगे की यात्रा में ऐसी स्थिति कहीं नहीं मिली। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि मां नर्मदा में साबुन, केमिकल और गंदगी न डालें, ताकि इस पावन नदी की निर्मलता बनी रह सके।
फिलहाल प्रशासन ने समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया है, लेकिन सवाल अब भी कायम है — क्या मां नर्मदा के प्रथम पड़ाव की पवित्रता वास्तव में सुरक्षित है?

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