
जलगांव जिला परिषद में दिव्यांग प्रमाणपत्र घोटाला: चार और कर्मचारी निलंबित, अब तक 8 पर गिरी गाज
जलगांव
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई दिव्यांग प्रमाणपत्र जांच अभियान के तहत जलगांव जिला परिषद में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। दिव्यांगता प्रमाणपत्रों में दर्ज प्रतिशत में भारी तफावत पाए जाने पर जिला परिषद के चार और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही अब तक कुल 8 कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है, जबकि कई अन्य कर्मचारी अभी भी जांच के दायरे में हैं।
राज्य शासन के दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के अंतर्गत विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों के प्रमाणपत्रों की सघन जांच की जा रही है। इसी क्रम में जलगांव जिला परिषद के अलग-अलग आस्थापनों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों की भी जांच की गई।
जांच के दौरान जिन कर्मचारियों के दिव्यांगता प्रमाणपत्रों में प्रतिशत संबंधी गंभीर तफावत पाई गई, उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की गई। इसी आधार पर हाल ही में चार कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।
निलंबित किए गए कर्मचारियों में शामिल हैं—
जिला प्रशिक्षण केंद्र के स्वास्थ्य सहायक भालचंद्र नारायण पवार,
वाघोड़े के स्वास्थ्य सहायिका छाया घनश्याम भोले,
तरवाड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य सहायक संदीप विनायक सोनवणे,
पिंपरखेड स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य सहायक गणेश मुरलीधर महाजन।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जांच अभियान में दोषी पाए गए चार कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। अब नए चार नाम जुड़ने से जिला परिषद में कुल आठ कर्मचारियों को सेवा से निलंबित किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अभी यहीं थमने वाली नहीं है, क्योंकि कई अन्य कर्मचारी भी जिला परिषद के रडार पर हैं और जांच पूरी होने के बाद उन पर भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।