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कोटा: बेजुबान को मिला मां का दर्जा, रजनीश शर्मा ओर उनकी धर्म्पत्नि श्री मति भाग्य श्री ने हिंदू रीति-रिवाजों से किया गौ-माता का अंतिम संस्कार

शहर में इंसानियत और गौ-सेवा की एक अनूठी तस्वीर सामने आई है। जहाँ अक्सर जानवरों की मृत्यु के बाद उन्हें लावारिस छोड़ दिया जाता है, वहीं कोटा के समाजसेवी रजनीश शर्मा ओर उनकी धर्म्पत्नि श्री मति भाग्य श्री ने एक गाय की मृत्यु पर उसे अपने परिवार के सदस्य की तरह सम्मान देकर समाज को नया संदेश दिया है।

रजनीश शर्मा ने गौ-माता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए, पूरे विधि-विधान और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार (भू-समाधि) किया।

लाल चुनरी ओढ़ाकर दी विदाई
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि रजनीश शर्मा ने गौ-माता के पार्थिव शरीर को लाल चुनरी ओढ़ाई और फूल-मालाओं से सजाया। अंतिम संस्कार के लिए जेसीबी (JCB) मशीन के माध्यम से समाधि तैयार करवाई गई। विदाई के वक्त माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।

नारियल और पूजा सामग्री के साथ नमन
अंतिम संस्कार के दौरान पूर्ण धार्मिक परंपराओं का पालन किया गया। रजनीश शर्मा और वहां मौजूद अन्य लोगों ने समाधि में नारियल, पुष्प और पूजा सामग्री अर्पित की। सभी ने हाथ जोड़कर नम आंखों से गौ-माता को विदा किया।

"गाय जानवर नहीं, हमारी माता है"
इस मौके पर रजनीश शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और उसमें 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा, "यह हमारा कर्तव्य है कि जीवन भर दूध देकर हमारा पालन-पोषण करने वाली गौ-माता का अंतिम समय में भी पूरा सम्मान किया जाए।"

उनके इस कार्य की क्षेत्रवासियों द्वारा सराहना की जा रही है।

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