
छत्तीसगढ़: राजनांदगांव में धर्मांतरण नेटवर्क का बड़ा खुलासा
डिजिटल साक्ष्य जब्त: डेविड चाको के आश्रम-चर्च से लैपटॉप, आईपैड, मोबाइल और हजारों डॉलर मूल्य का सोलर प्रोजेक्टर बरामद, जिसमें फंडिंग ट्रेल और ट्रेनिंग मॉड्यूल के प्रमाण हैं
राजनांदगांव, 21 जनवरी 2026
– छत्तीसगढ़ पुलिस ने आश्रम और चर्चों की आड़ में संचालित कथित धर्मांतरण के सबसे बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। राजनांदगांव के लालबाग थाना क्षेत्र में मुख्य आरोपी डेविड चाको के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में विदेशी फंडिंग, नाबालिगों को रखने और राज्यव्यापी संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं, जिससे जांच अब पूरे राज्य में फैल रही है।
पुलिस के अनुसार, डेविड चाको अमेरिका में पढ़ाई करने के बाद भारत लौटा और उसे बड़ी राशि प्राप्त हुई। राजनांदगांव में उसने 'पॉल जैसे कोर्ट' नामक जमीनी कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार किया, जो प्रशिक्षण मॉड्यूल और संदिग्ध प्रचार सामग्री के जरिए सक्रिय था। उसके कब्जे से जब्त संदिग्ध पुस्तकों में विशेष कोड, शब्दावली और प्रचार तकनीकों का इस्तेमाल पाया गया, जिनकी विशेषज्ञों से जांच चल रही है।
📍 जांच के प्रमुख बिंदु
👉विदेशी फंडिंग का ट्रेल: पुलिस विदेश से आई राशि के स्रोत, बैंक खातों और डॉलर-रुपए रूपांतरण की जांच कर रही है।
👉नाबालिगों का मामला: आश्रम-चर्चों में नाबालिगों को रखने के आरोप, जो राज्य स्तर पर फैले नेटवर्क का हिस्सा लग रहे हैं।
👉चर्च विस्तार की साजिश: अलग-अलग जगहों पर चर्च खोलने की योजना सामने आई है।
पुलिस ने जांच तेज कर दी है और राज्यव्यापी नेटवर्क को उजागर करने के लिए अन्य जिलों में छापेमारी की तैयारी की है। यह मामला छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विवादों को नई ऊंचाई दे सकता है।