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12 वीं बरसी पर होना था रैन बसेरे का उद‌घाटन, एक साल बाद भी काम अधूरा

विरासत की बेकद्री...बार-बार विभाग बदले, किसी ने रखरखाव पर नहीं दिया ध्यान
भास्कर न्यूज | झालावाड़ गत 12 दिसम्बर को जलकर राख हुए लकड़ी के ऐतिहासिक रैन बसैरे का 12 साल में प्रशासन मॉडल भी नहीं बना पाया। कृष्णसागर तालाब के किनारे स्थित रैन बसेरे की सीमेन्ट कॉक्रीट से बनी प्रतिकृति का निर्माण 12 दिसंबर 2024 से पहले पूरा करना था। लेकिन तय अवधि गुजरने के एक साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। रैन बसेरे का 12 दिसंबर 2024 को ही उद्घाटन किया जाना था। लेकिन इस अवधि के एक साल बाद भी पीडब्ल्यूडी यह काम पूरा नहीं कर पाई।
हाल ही में जलसंसाधन विभाग ने यहां रैन बसेरे तक सड़क निर्माण और खिड़कियों का काम अधूरा बताकर हैंडऔवर से मना कर दिया। अधूरे काम को पूरा करने की पीडब्ल्यूडी को हिदायत दी गई है। अब यह काम पूरे होने पर ही जलसंसाधन विभाग को सौंपा जाएगा। दरअसल 12 दिसंबर 2012 को लकड़ी से बना रैन बसेरा आग लगने से जल गया था। लोगों की मांग पर सरकार ने 2 करोड़ 9 लाख रुपए से यहां सीमेन्ट कॉक्रीट का वैसा ही रैन बसेरा बनाने का काम शुरू किया था।
खर्च पर्यटन विभाग का और सौंपेंगे जलसंसाधन विभाग को तत्कालीन नरेश राजेन्द्र सिंह लकड़ी से बने इस रैनबसेरे को देहरादून से लाए थे। जिसे यहां प्राकृतिक स्थल पर स्थापित करवाया। तालाब के किनारे होने से इसकी सुंदरता देखते ही बनती है। पहले यह पंचायतीराज विभाग में था, क्योंकि तालाब इसके अधीन था। विभाग ने रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया। फिर जलसंसाधन विभाग को सौंपा। इसके बाद आरएसआरडीसी को सौंप दिया। इसी दौरान 2012 में आग लगने से जलकर खाक हो गया था।

रैन बसेरे को जल्द से जल्द हम जलसंसाधन विभाग को सौंप देंगे। इसके लिए जो कमी बताई गई है वह जल्द से जल्द ही पूरी हो जाएगी।
- मुकेश मीणा, एसई पीडब्ल्यूडी झालावाड़
रैन बसेरे के निरीक्षण में सड़क और खिड़कियों के पलड़े लगाए जाने को लेकर कमी है। इस कमीं के दूर होने के बाद इसे हैंडओवर कर लिया जाएगा। - महेंद्र सिंह, एसई जलसंसाधन विभाग झालावाड़ रैन बसेरे का पुर्ननिर्माण का खर्च पर्यटन विभाग ने किया ताकि यहां पर्यटकों की संख्या में इजाफा भी हो सके। लेकिन फिलहाल यह रैन बसेरा पर्यटकों के काम नहीं आएगा। रैन बसेरे को जलसंसाधन विभाग को सौंपा जाएगा। जलसंसाधन विभाग केवल इसे अपने अधिकारियों के ठहरने या फिर वहां छोटे बांध की देखरेख के लिए ही उपयोग में ले सकेगा।
Aima media jhalawar











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