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रुद्रपुर: दुबई में फंसे होने का दावा निकला झूठ, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की खुली पोल #upendrasingh

घर लौटने की जल्दबाजी में रची गई मनगढ़ंत कहानी, जांच में पुलिस ने किया खुलासा
रुद्रपुर में दुबई से सोशल मीडिया पर वायरल हुए मदद के वीडियो की हकीकत सामने आ गई है। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है कि खुद को दुबई में फंसा हुआ बताने वाले चारों युवक किसी भी तरह की मुसीबत में नहीं थे। दरअसल, रुद्रपुर और खटीमा क्षेत्र से कुल आठ युवक नौकरी के लिए दुबई गए थे, जिनमें से चार का वहां मन नहीं लगा। घर लौटने की जल्दबाजी में इन युवकों ने खुद को संकट में बताकर सोशल मीडिया पर झूठी कहानी फैला दी।
12 जनवरी को वायरल हुआ था वीडियो
12 जनवरी को फेसबुक पर वायरल हुए एक वीडियो में भुड़िया खटीमा निवासी जुगेश, चंदेली खटीमा निवासी लल्लन प्रसाद, रुस्तमपुर खजुरिया रामपुर निवासी विशाल शर्मा और रंजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि दो एजेंट उन्हें पानी की टोंटी की पैकिंग का काम दिलाने के बहाने दुबई ले गए। युवकों का दावा था कि दुबई पहुंचते ही उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए और उन्हें वादा किया गया काम भी नहीं दिया गया। साथ ही विरोध करने पर धमकियां मिलने की बात भी कही गई थी।
एसएसपी तक पहुंचा मामला, शुरू हुई जांच
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने और मामला एसएसपी मणिकांत मिश्रा तक पहुंचने के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि एजेंटों ने चार नहीं, बल्कि आठ युवकों को दुबई भेजा था। सभी युवकों से वही काम कराया जा रहा था, जिसकी जानकारी उन्हें पहले ही दी गई थी।
काम और माहौल नहीं आया रास
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चार युवकों को दुबई का माहौल और काम पसंद नहीं आया। इसके बाद उन्होंने खुद को फंसा हुआ बताकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर मदद मांगनी शुरू कर दी, ताकि जल्दी भारत लौट सकें।
परिचित के घर सुरक्षित हैं युवक
पुलिस के अनुसार, किसी भी युवक का पासपोर्ट जब्त नहीं किया गया है। चारों युवकों से संपर्क हो चुका है और वे दुबई में अपने एक परिचित के घर पर सुरक्षित हैं। उनके भारत लौटने का रास्ता भी पूरी तरह साफ है और वे जब चाहें वापस आ सकते हैं।
एसएसपी का बयान
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा,
“सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच में पता चला कि युवाओं को किसी प्रकार की प्रताड़ना नहीं दी जा रही थी। दुबई में उनका मन नहीं लगा, इसलिए उन्होंने मनगढ़ंत कहानी बना दी। चारों युवक अपने परिचित के घर सुरक्षित हैं।”
इस मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई जांचे बिना भरोसा न करने की जरूरत को उजागर कर दिया है।

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