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मैक्स हॉस्पिटल द्वारका के डॉक्टरों ने स्ट्रोक पीड़ित महिला के हाई रिस्क सर्वाइकल कैंसर का किया सफल इलाज

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका के डॉक्टरों ने पानीपत की 50-वर्षीय महिला मरीज का शुरुआती स्टेज में सर्वाइकल कैंसर का सफल इलाज किया। मरीज की ​कॉम्प्लेक्स मेडिकल कंडीशन के कारण इससे पहले कई हेल्थ सेंटर्स ने इलाज से इनकार कर दिया था। इस चुनौतीपूर्ण केस का सफल उपचार मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका के गायनेकोलॉजिकल सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट एवं यूनिट हेड - डॉ. सरिता कुमारी, द्वारा किया गया।

डॉ. सरिता ने जानकारी देते हुए बताया कि सुनीता, पिछले छह महीनों से ब्लड मिक्स्ड डिस्चार्ज की समस्या से परेशान थीं, जिससे सर्वाइकल कैंसर की आशंका बनी। उन्हें करीब 10 साल पहले ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, जिसके कारण उनके शरीर का कुछ हिस्सा पैरालाइज्ड हो गया था। इस मेडिकल हिस्ट्री की वजह से कई अस्पतालों ने उनका कैंसर का इलाज करने से मना कर दिया । इसके बावजूद सुनीता ने हिम्मत नहीं हारी। इंटरनेट पर विशेषज्ञ डॉ. की तलाश के दौरान उन्हें डॉ. सरिता कुमारी की प्रोफाइल मिली और उन्होंने मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका में परामर्श लेने का निर्णय लिया।
अस्पताल पहुंचने पर की गई डिटेल्ड इमेजिंग और अन्य जांचों में सर्विक्स में 2.5 सेंटीमीटर का ट्यूमर पाया गया, जो शुरुआती स्टेज के सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि करता था। साथ ही, आसपास के लिम्फ नोड्स की भी सावधानीपूर्वक जांच की गई ताकि बीमारी के फैलाव की संभावना को पूरी तरह से खारिज किया जा सके।

मैक्स हॉस्पिटल, द्वारका, के गायनेकोलॉजिकल सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट एवं यूनिट हेड - डॉ. सरिता कुमारी ने बताया, “मरीज की प्लान्ड कैंसर सर्जरी की गई, जिसमें गर्भाशय, उसके आसपास के टिश्यू और रीजनल लिम्फ नोड्स को हटाया गया। यह एक स्टैंडर्ड लेकिन बेहद क्रिटिकल प्रक्रिया होती है, जिसका उद्देश्य बीमारी पर पूरी तरह कंट्रोल पाना होता है। मरीज को पहले स्ट्रोक और ​पार्शियल पैरालिसिस की समस्या होने के कारण सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया और सर्जिकल स्तर पर विशेष सावधानी बरती गई। इस पूरे इलाज में ऑन्कोलॉजी, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर टीम के बीच बेहतर तालमेल रखा गया।

सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी पर लगातार नजर रखी गई। उनकी स्थिति में लगातार सुधार हुआ और वे धीरे-धीरे अपनी ताकत वापस पाने लगीं।

डॉ. सरिता ने कहा कि स्ट्रोक और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का इतिहास रखने वाले मरीजों को अक्सर बड़ी कैंसर सर्जरी के लिए हाई-रिस्क माना जाता है, लेकिन सही असेसमेंट, बेहतर प्लानिंग और मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच के साथ सुरक्षित और प्रभावी इलाज संभव है। सुनीता का मामला इस बात का उदाहरण है कि केवल कॉम्प्लीकेशन्स के आधार पर इलाज से इनकार नहीं किया जाना चाहिए।

यह सफलता मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत अस्पताल सबसे कठिन और हाई-रिस्क मामलों में भी एडवांस्ड और पेशेंट-सेंट्रिक कैंसर केयर उपलब्ध कराता है, ताकि हर मरीज तक उम्मीद और इलाज दोनों पहुंच सकें।

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