छपरा बिहार-अब समाज में इंसानियत नहीं बचा है।
सिर्फ बाप भाई ने उठाई बेटी की अर्थी और गांव से कोई कंधा देने नहीं आया। यह है आज के समाज की हकीकत।किसी ने कहा शादी है तो किसी ने कुछ और बहाना बनाया। अब समाज में इंसानियत नहीं बचा है।