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धान खरीदी में लापरवाही: जिले में एक और बड़ी कार्रवाई, चार कर्मचारी निलंबित व हटाए गए

धान खरीदी केंद्रों में लापरवाही और अनियमितता पर जिला प्रशासन अब लगातार सख्त होता दिखाई दे रहा है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे के निर्देश पर मंगलवार को धान खरीदी से जुड़े चार कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन के एक दिन बाद की गई दूसरी महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई है।
जानकारी के अनुसार, सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाओं द्वारा अलग-अलग आदेश जारी कर धान खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को निलंबन एवं दायित्वों से मुक्त किया गया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई केंद्रों में शासन के निर्देशों की खुली अवहेलना की जा रही थी, जैसे — धान का ढाला पद्धति से परीक्षण न करना, सीधे बोरे से तौल करना, स्टॉक में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और परिवहन में अनियमितता।
लेंधरा केंद्र में 858 क्विंटल धान ‘अतिरिक्त’, सहायक समिति प्रबंधक निलंबित
सेवा सहकारी समिति लेंधरा (पं. क्र. 106) में भौतिक सत्यापन के दौरान 2,145 बोरे धान (लगभग 858 क्विंटल) अधिक पाए गए। यह रिसाइक्लिंग व फर्जी परिवहन की ओर संकेत करता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक समिति प्रबंधक रामकुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
सतर्क ऐप (C-Alert) से भी इस केंद्र के खिलाफ पहले ही अलर्ट जारी हुआ था।
कटेली केंद्र में लगातार नियमों की अनदेखी, प्रबंधक निलंबित
सेवा सहकारी समिति कटेली (पं. क्र. 1563) में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शासन के बार-बार निर्देशों के बावजूद यहाँ ढाला पद्धति से परीक्षण नहीं किया जा रहा था, बल्कि सीधे बोरे में धान भरकर तौल किया जा रहा था।
इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सहायक समिति प्रबंधक निलेश जायसवाल को भी निलंबित कर दिया गया।
लिमगांव केंद्र: समिति प्रबंधक का वित्तीय प्रभार समाप्त, फड़ प्रभारी हटाए गए
सेवा सहकारी समिति छिंद (पं. क्र. 171) के अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र लिमगांव में समिति प्रबंधक (नवीन संवर्ग) मुकेश कुमार गुप्ता द्वारा स्वेच्छाचारिता एवं शासन निर्देशों की अवहेलना पाई गई।
इस पर उनके वित्तीय प्रभार को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया है।
इसी केंद्र के फड़ प्रभारी खीकराम साहू को भी धान खरीदी कार्य में मनमानी और लापरवाही के चलते तुरंत कार्यमुक्त कर दिया गया है।
प्रशासन का सख्त संदेश: धान खरीदी में कोई ढील नहीं
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के धान खरीदी कार्य में संलग्न सभी कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट) लागू है।
धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही, अनियमितता या शासन की छवि धूमिल करने वाले कार्य को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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