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ग्राम सुढार में बिजली विभाग की घोर लापरवाही, ट्रांसफार्मर रखकर भी गांव अंधेरे में

संजय कुमार

जालौन विकासखंड की ग्राम पंचायत सुढार में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालात यह हैं कि विद्युत विभाग की नाकामी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के चलते ग्रामीणों को लगातार अंधेरे में जीने को मजबूर किया जा रहा है।

कुछ दिन पहले खबर सामने आई थी कि गांव में चार ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। खबर उजागर होने के बाद विभाग ने दिखावटी कार्रवाई करते हुए गांव में चार नए ट्रांसफार्मर तो रख दिए, लेकिन हकीकत यह है कि यह कदम सिर्फ कागजी खानापूर्ति बनकर रह गया।

ग्रामीणों के अनुसार, लगाए गए ट्रांसफार्मरों में से दो ट्रांसफार्मर महज 3–4 दिन में ही जवाब दे गए, जबकि दो ट्रांसफार्मरों में अब तक बिजली कनेक्शन ही नहीं जोड़ा गया। नतीजा—पूरा गांव आज भी घोर अंधेरे में डूबा हुआ है।

बिजली न होने से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र पढ़ाई से वंचित हैं, वहीं रात के समय अंधेरा छाए रहने से चोरी, आपराधिक घटनाओं और हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि विभाग ने समस्या के समाधान के बजाय केवल फोटो खिंचवाने और फाइलें भरने का काम किया है। स्थायी और प्रभावी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि
क्या ग्राम सुढार के लोग यूं ही अंधेरे में जीने को मजबूर रहेंगे?
कब जागेगा विद्युत विभाग?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या ग्रामीणों की आवाज यूं ही दबा दी जाएगी?

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और प्रशासन की होगी।

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