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केंद्र सरकार रोजगार छीन रही है : सीपीएम

सीपीएम ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर करने और समाप्त करने का प्रयास कर रही है, जो गरीबों, पिछड़े वर्गों तथा एससी-एसटी समुदायों को रोजगार उपलब्ध कराता है।
इसी के तहत सीपीएम ने घर-घर जाकर प्रचार अभियान चलाया।

पश्चिम गोदावरी जिले के पेनुगोंडा गांव में आज पेनुगोंडा राजुगुडेम और दक्षिण वीथि क्षेत्रों में हर घर में पर्चे वितरित किए गए।
सीपीएम नेताओं ने लाभार्थियों से बातचीत करते हुए कहा कि मोदी सरकार गरीबों के काम के अधिकार को खत्म कर रही है, महात्मा गांधी का नाम हटाकर वीबीजी रामजी नाम से नई योजना लाकर पुराने कानून को निष्क्रिय कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना की जिम्मेदारी से पीछे हटकर राज्यों पर आर्थिक बोझ डाल रही है, जिससे आने वाले समय में गरीबों को रोजगार मिलना मुश्किल हो सकता है।
नई नीति में केवल कृषि कार्यों के दौरान ही रोजगार देने का प्रावधान कर इसे जमींदारों के पक्ष में बनाया जा रहा है।

सीपीएम ने जनता से मनरेगा की रक्षा करने, नई योजना को रद्द कराने और केंद्र व राज्य सरकारों से जवाबदेही तय करने की अपील की।
साथ ही 12 फरवरी को होने वाली अखिल भारतीय हड़ताल में मनरेगा श्रमिकों से भाग लेने का आह्वान किया।

इस कार्यक्रम में सीपीएम जिला समिति सदस्य एस. वेंकटेश्वर राव, मंडल सचिव शेख पादुशा, गुर्राला सत्यनारायण तथा कई रोजगार श्रमिक शामिल हुए।

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