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मुंबई में महापौर की कुर्सी पर सस्पेंस, भाजपा की दावेदारी मजबूत


मुंबई। सूत्र

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के नतीजों के बाद अब सबकी नजर महापौर पद पर टिकी है। सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा के लिए महापौर बनाना आसान नहीं दिख रहा, क्योंकि फैसला महायुति के भीतर सहमति से होगा।
बीएमसी में भाजपा ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की है। इसके बावजूद महापौर का चयन केवल संख्या बल से तय नहीं होगा। भाजपा की सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) भी इस पद पर अपनी दावेदारी जता रही है। ऐसे में गठबंधन के भीतर खींचतान साफ नजर आ रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते महापौर पद पर अपना दावा नहीं छोड़ेगी, जबकि शिवसेना (शिंदे) भी सत्ता में सम्मानजनक हिस्सेदारी चाहती है। इसी कारण अंतिम फैसला दिल्ली और मुंबई स्तर पर होने वाली बैठकों में तय होने की संभावना है।
विपक्षी दलों का कहना है कि महापौर को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति से साफ है कि भाजपा के लिए राह पूरी तरह आसान नहीं है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि मुंबई की महापौर की कुर्सी भाजपा के खाते में जाती है या महायुति में कोई नया फार्मूला सामने आता है।
फिलहाल मुंबई को नए महापौर के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।

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