
BKU एकता मालवई ने लहरा तहसील में खाली पोस्ट और पानी के संकट को लेकर विरोध की चेतावनी दी है।
BKU एकता मालवई ने लहरा तहसील में खाली पोस्ट और पानी के संकट को लेकर विरोध की चेतावनी दी है।
लहरागागा: 19 जनवरी (सुरेश जवाहर वाला)
भारतीय किसान यूनियन एकता मालवई ने लहरा तहसील में लंबे समय से तहसीलदार और नायब तहसीलदार के खाली पोस्ट, नहर का पानी न मिलने और पीने के पानी के संकट पर गहरी चिंता जताई है और विरोध की चेतावनी दी है।
यूनियन ने SDM लहरा राकेश प्रकाश गर्ग को एक ज्ञापन देकर मुख्य मांगें रखी हैं। यूनियन नेताओं ने कहा कि 13 जुलाई 2025 से लहरा तहसील में तहसीलदार का पद पक्के तौर पर खाली है, जबकि नायब तहसीलदार अस्थायी तौर पर काम कर रहे हैं। इस वजह से म्यूटेशन, बंटवारा, रजिस्ट्री समेत रेवेन्यू से जुड़े काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और किसानों और आम लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
यूनियन की दूसरी मांग के तहत नहर की ब्रांचों में खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए लगाए गए ऊंचे मोघों को तुरंत नीचे करने की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि मोघे ऊंचे होने की वजह से खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे सिंचाई पर असर पड़ रहा है और फसलों को नुकसान हो रहा है।
इसके अलावा यूनियन ने लहरागागा के वाटर वर्क्स का पानी पीने लायक न होने का मुद्दा भी उठाया और मांग की कि लोगों को साफ पीने का पानी दिया जाए। चौथी मांग के तहत भट्टल कॉलेज में आत्महत्या करने वाले दविंदर के परिवार को आर्थिक मदद देने की भी मांग की गई।
राज्य नेता धर्मेंद्र सिंह पासौर ने कहा कि ये मांगें किसानों की रोजी-रोटी और जीवन से जुड़ी अहम मांगें हैं, जिन्हें लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मांगें पूरी नहीं की गईं तो यूनियन को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
यूनियन ने मांग की कि प्रशासन मांग पत्र पर तुरंत कार्रवाई करे।