
कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद भी आरजीएचएस कार्ड एक्टिव नहीं किए, 51 पेंशनर्स को इलाज में परेशानी
भास्कर न्यूज | झालावाड़ झालरापाटन सैटेलाइट अस्पताल में आरजीएचएस योजना में हुए फर्जीवाड़े के बाद करीब 102 पेंशनरों के आरजीएचएस कार्ड ब्लॉक कर दिए गए थे। जांच के बाद 51 कार्ड में फर्जीवाड़ा नहीं मिला। इसके लिए कलेक्टर ने डीओ लेटर लिखा कि इनके कार्ड एक्टिव किए जाए। एक महीने बाद भी कार्ड एक्टिव नहीं हुए। ऐसे में ये लोग अपना इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। किसी को मोतियाबिंद होने के कारण दिखना बंद हो गया है तो किसी का हर्निया तो किसी को अन्य बीमारी की सर्जरी करानी है। इलाज नहीं मिलने पर दो पेंशनरों की तो मौत भी हो गई। झालरापाटन सैटेलाइट अस्पताल के ऑपरेटर और अस्पताल में ही संचालित उपभोक्ता हॉलसेल मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा पेंशनरों के आरजीएचएस कार्ड से पर्चे निकालकर डॉक्टर के फर्जी सील साइन से दवाइयों की हेराफेरी कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया था। इसके बाद आरजीएचएस निदेशन ने मामले में कार्रवाई करते हुए जिन कार्डों से फर्जीवाड़ा हुआ, ऐसे 102 कार्ड ब्लॉक कर दिए थे। इसके बाद पेंशनरों को दवाइयां मिलना बंद हो गई। जनसुनवाई से लेकर जयपुर तक मांग उठाई, फिर भी कार्ड एक्टिव नहीं हुए पेंशनर कई बार जनसुनवाई में अपने आरजीएचएस कार्ड को एक्टिव करने की मांग उठा चुके हैं।
इसके अलावा राजस्थान पेंशनर्स मंच के पदाधिकारियों ने भी जनसुनवाई में पहुंचे और मांग रखी। इसके अलावा जयपुर आरजीएचएसय निदेशक के नाम ज्ञापन दिया, इसके बाद भी पेंशनर्स कार्ड शुरू नहीं हो रहे हैं। कलेक्टर की ओर से यह लिखा पत्र में कलेक्टर अजयसिंह राठौड़ ने वित्त विभाग को डीओ लेटर लिखा कि जिला अस्पताल झालरापाटन में मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जिसके अंतर्गत 102 आरजीएचएस कार्ड को राज्य स्तर से ब्लॉक कर दिया गया है।
कार्ड ब्लॉक करने से इनको मिलने वाली निशुल्क उपचार व दवाइयां मिलना रुक गई है। उपचार बाधित होने से 51 कार्डधारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला स्तरीय जन सुनवाई में राजस्थान पेंशनर्स मंच झालावाड़ के पदाधिकारियों एवं रोगियों ने भी निवेदन किया यह गंभीर बीमारियों से ग्रस्त है। इनको हर महीने दवाइयों की जरूरत पड़ती है।
सूची अनुसार 51 आरजीएचएस कार्ड धारकों के खिलाफ कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है। अत: इनके कार्ड एक्टिव किए जाए। मेरा आरजीएचएस कार्ड भी तीन महीने से ब्लॉक है। मुझे और मेरी पत्नी दोनों को हर महीने दवाइयों की जरूरत पड़ती है। हमारे कार्ड से किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई, फिर भी कार्ड को ब्लॉक रखा है। कई बार जनसुनवाई में मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। हर महीने 5 हजार की दवाइयां नकद खरीद रहे हैं।
- लालचंद, पेंशनर, झालरापाटन
मेरी आयु 79 साल हो गई है। बीपी शुगर की बीमारी से ग्रसित हूं। आरजीएचएस कार्ड ब्लॉक होने से निशुल्क दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। हर महीने 5 हजार की दवाइयों तो आती ही हैं। कुछ और बीमारी हो जाए तो और ज्यादा की दवाइयां आती हैं। कार्ड ब्लॉक होने से निशुल्क इलाज मिलना बंद हो गया है। बहुत परेशानी आ रही है।
- ललिता देवी, पेंशनर, झालरापाटन
जल्द ही पेंशनर्स के कार्ड एक्टिव करवा जाएंगे
^झालरापाटन में आरजीएचएस के 101 कार्ड ब्लॉक हुए थे। मामला संज्ञान में है, लेकिन अब इसमें क्या चल रहा है, इसको कल कार्यालय जाकर दिखवाता हूंं। पेंशनर को परेशान नहीं होने देंगे। जल्द ही कार्ड एक्टिव करवाएंगे।
- डॉ. अश्वनी सोनी, निदेशक, आरजीएचएस, जयपुर
पत्र लिखा था, कार्ड एक्टिव नहीं हुए तो दिखवाते हैं
^झालरापाटन अस्पताल में गड़बड़ी होने पर आरजीएचएस कार्ड ब्लॉक हुए थे। 51 कार्ड को एक्टिव कराने के लिए डीओ लेटर लिखा था। अभी तक शुरू हो जाने चाहिए थे, लेकिन नहीं हुए है तो इसको कल दिखवाता हूं।- अजयसिंह राठौड़, कलेक्टर, झालावाड़