
किसानों की सिंचाई प्रभावित न हो, डीएम ने बनाई समन्वय समिति
अपर खजुरी बांध के जल उपयोग पर प्रशासन सख्त, थर्मल परियोजना पर रहेगी कड़ी निगरानी
मीरजापुर।- जनपद में किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन ने ठोस पहल की है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने अपर खजुरी बांध से जल उपयोग को लेकर किसानों और मीरजापुर थर्मल एनर्जी (यू.पी.) प्रा.लि. के बीच समन्वय बनाए रखने के उद्देश्य से एक समन्वय समिति का गठन किया है। समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिंचाई एवं पेयजल की जरूरतों से किसी भी तरह का समझौता न हो।
किसान जनप्रतिनिधि श्री शारदा मिश्रा उर्फ लाल मिश्रा व अन्य किसान द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया था कि तहसील मीरजापुर के ग्राम ददरी खुर्द में मीरजापुर थर्मल एनर्जी परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना के लिए अपर खजुरी बांध से पानी की आपूर्ति प्रस्तावित है। किसानों ने आशंका जताई थी कि इससे क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और बड़े भू-भाग को सिंचाई से वंचित होना पड़ सकता है।
इस पर अधिशासी अभियंता, मीरजापुर नहर प्रखण्ड ने अवगत कराया कि शासन से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण पत्र के अनुसार प्रस्तावित तापीय विद्युत परियोजना के लिए प्रतिवर्ष 36 एमसीएम जल की आवश्यकता होगी। योजना के तहत 31 दिसंबर तक जलाशय को गंगा नदी से पूर्ण क्षमता तक भरा जाएगा। इसमें से रबी फसल की सिंचाई के लिए 9.5 एमसीएम जल तथा 1 जनवरी से 30 जून तक थर्मल परियोजना के लिए 18 एमसीएम जल उपयोग करने का प्रावधान है। हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया कि सिंचाई एवं पेयजल की आवश्यक मात्रा को प्राथमिकता दी जाएगी और यदि अपर खजुरी बांध में पानी कम रहा तो थर्मल परियोजना को जल उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा।
किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई के लिए निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समन्वय समिति का गठन किया है। समिति में जिलाधिकारी मीरजापुर को अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी को उपाध्यक्ष, अधिशासी अभियंता मीरजापुर नहर प्रखण्ड को सदस्य/सचिव, मीरजापुर थर्मल एनर्जी परियोजना के परियोजना प्रबंधक को सदस्य तथा जिलाधिकारी द्वारा नामित दो किसान प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया गया है।(1)श्री शारदा मिश्रा उर्फ लाला मिश्रा (2) श्री मंगला सिंह पटेल
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन किसानों की सिंचाई व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। जल वितरण में संतुलन बनाए रखने, संभावित विवादों के समाधान और किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए समन्वय समिति सक्रिय रूप से कार्य करेगी। इस संबंध में आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त, विन्ध्याचल मंडल, मुख्य विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता नहर प्रखण्ड एवं मीरजापुर थर्मल एनर्जी परियोजना के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दी गई है।