
जलगांव में धमाका: 8 बोगस दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों पर गिरी गदा, निलंबन! आंकड़ा और बढ़ेगा?
अयोग्य होने पर भी आरक्षित नौकरी हड़पने वाले जिल्हा परिषद के अफसरों पर प्रशासन का शिकंजा!जलगांव। सनसनीखेज खुलासा! दिव्यांगों के लिए आरक्षित सरकारी नौकरियों पर कब्जा जमाने वाले अपात्र जिल्हा परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रशासन ने लोहे का हाथ दिखाया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिनल करनवाल के सख्त आदेश पर अब तक आठ बोगस दिव्यांगों को निलंबित कर दिया गया। लेकिन ये तो बस शुरुआत है - और भी कई फर्जीवाड़ेबाज शिकंजे में फंसने वाले हैं!राज्य सरकार के दिव्यांग कल्याण विभाग के निर्देश पर चल रही गहन जांच मोहिम ने खोली आंखें। असली दिव्यांगों के हक हड़पने वालों की अब शामत आ गई है। UID कार्ड, प्रमाणपत्र और शारीरिक जांच के आधार पर हो रही पड़ताल में फर्जी प्रमाणपत्रों का पर्दाफाश हो रहा है। कई कर्मचारियों के कागजों में दिव्यांगता प्रतिशत में भारी अंतर पकड़ा गया - जो कागज पर 40-50% दिखा, वास्तविक जांच में नाममात्र का भी नहीं निकला!निलंबन के बाद विभागीय जांच का डंडा!शासन के नियमों के तहत प्रारंभिक निलंबन के बाद गहन विभागीय जांच होगी। फर्जी प्रमाणपत्रों से सरकारी सवेतन और आरक्षण का फायदा उठाने वालों को अब कोई रहम नहीं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच और तेज होगी, और आंकड़ा 8 से कहीं ज्यादा पहुंच सकता है। दिव्यांगों के अधिकारों की रक्षा ही सरकार का लक्ष्य है - फर्जीवाड़े पर जीरो टॉलरेंस!इन 8 पर गिरी कार्रवाई की तलवार:
1= चालीसगांव पंचायत समिति के ग्रामपंचायत विस्तार अधिकारी नारायण मोरे
2 = बोदवड़ पंचायत समिति के ग्रामीण पाणीपुरवठा उपविभाग के वरिष्ठ सहायक शंकर वाघमारे
3 = पाचोरा पंचायत समिति के वरिष्ठ सहायक लेखा विक्रम पाटील
4 =धरणगांव पंचायत समिति के कनिष्ठ सहायक लेखा संतोष पाटील
5 = जिला प्रशिक्षण केंद्र के आरोग्य सहायक भालचंद्र पवार
6 = वाघोड (ता. रावेर) प्राथमिक आरोग्य केंद्र की आरोग्य सहाय्यिका छाया भोळे
7 = तरवाडे (ता. चाळीसगांव) के आरोग्य सेवक संदीप सोनवणेपिं
8 = परखेड (ता. भडगांव) के आरोग्य सहायक गणेश महाजन
प्रशासन की इस मुहिम से सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ नया संदेश गया है। क्या और बड़े खुलासे होंगे? रहिए हमारे साथ!