
महाराष्ट्र जिला परिषद चुनावों पर विवाद
धार्मिक यात्रा के कारण तारीख बढ़ाने की मांग,
कमल और पडलकर ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा महाराष्ट्र में 5 फेब्रुवारी को होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। किसान आर्मी और वॉटर आर्मी के नेता प्रफुल्ल कमल ने राज्य चुनाव आयोग में याचिका दायर की है। उन्होंने धार्मिक कारणों से लाखों मतदाताओं के वोट डालने से वंचित रहने की आशंका जताई है।कर्नाटक के बेलगाम जिले के चिंचली में श्री मायाक्का देवी की यात्रा 5 फेब्रुवारी को है, जो सोलापूर, सांगली, कोल्हापूर और सतारा के लाखों भक्तों का प्रमुख तीर्थ है। इस दिन बैलगाड़ियां, बसें और पैदल भक्त यात्रा में शामिल होते हैं। कमल का कहना है कि चुनाव इसी दिन होने से मतदान प्रतिशत कम हो जाएगा और यह धार्मिक भावनाओं पर हमला है। उन्होंने 6 या 8 फेब्रुवारी को चुनाव कराने की मांग की है, वरना हाईकोर्ट जाएंगे।पडलकर की भी मांग: भाजपा विधान परिषद सदस्य गोपीचंद पडलकर ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखा। उन्होंने बताया कि मायाक्का देवी यात्रा महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के भक्तों की है। चार जिलों से हजारों बैलगाड़ियां और लाखों भक्त आते हैं। पडलकर ने आयोग के आयुक्त और सचिव से मुलाकात की तथा मुख्य आयुक्त से फोन पर चर्चा की। जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है।दोनों नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग को जिलों के धार्मिक आयोजन का ध्यान रखना चाहिए। आयोग जल्द सकारात्मक फैसला लेगा, ऐसा विश्वास पडलकर ने जताया।महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव: धार्मिक यात्रा से टकराव, तारीख बदलने की मांगमहाराष्ट्र में 5 फेब्रुवारी को जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव प्रस्तावित हैं, लेकिन श्री मायाक्का देवी यात्रा के कारण विवाद बढ़ा। किसान आर्मी नेता प्रफुल्ल कमल ने चुनाव आयोग में याचिका दी। चिंचली (कर्नाटक) की यह यात्रा सोलापूर, सांगली, कोल्हापूर-सतारा के लाखों भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है। 5 फेब्रुवारी को मुख्य नैवेद्य है, इसलिए भक्त वोट नहीं डाल पाएंगे। कमल ने तारीख 6 या 8 फेब्रुवारी करने को कहा।भाजपा नेता गोपीचंद पडलकर ने भी आयोग को पत्र लिखा। उन्होंने आयोग सचिव व आयुक्त से बात की। चार जिलों के जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। मतदान प्रतिशत गिरने से लोकतंत्र प्रभावित होगा, ऐसा चिंता व्यक्त की। आयोग जल्द निर्णय लेगा।