क्या इसी लिए संविधान और पुलिस सेवा लागू किया गया हे
किसी काम का नहीं हे संविधान और ना ही किसी काम का नियम है इसी बजे से में भी संविधान को नहीं मानता है कोई भी समान नियम नहीं हे और संविधान हो या कोई नियम हो यदि हमारे सहायता के लिए ओर सेवा के लिए नहीं हे तो हमारे किसी काम का नहीं नहीं हम इसे खारिज करते है क्यों कि हम भी हर एक काम के लिए टैक्स भी देते हे कोई भी नियम बनाया जाता हे आम आदमी के फायदा के लिए जो कि कोई भी व्यक्ति अच्छे से अपना जीवन व्यतीत कर सके जैसे कोई जानवर हो या इंसान अगर उसके घर वाले उसे इजत प्यार समान न दे तो वो वहां रुकते नहीं हे वैसे ही जब संविधान समान ना हो और उसे आम नागरिक को सुविधा न हो तो वो किसी काम लायक नहीं हे वैसे ही पुलिस को भी अपने सेवा के रखे हे लेकिन वो तो दादा गिरी करते हे जैसे वही हमे खिलाते हे तो क्या जरूरी हे ऐसे सुविधा को लेकर पुलिस सर्विस के लिए जो हमारे टैक्स का जो पैसा जाता हे वो गलत हे नहीं जाना चाहिए