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जारंग बुढ़िया माई स्थान में श्रीकृष्ण–रुक्मिणी विवाहोत्सव का भव्य आयोजन, भक्ति में डूबे श्रद्धालु


गायघाट ( मुजफ्फरपुर) ।

मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत जारंग स्थित बुढ़िया माई स्थान मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के विवाहोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरा कथा स्थल भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया।
कथा व्यास अयोध्या से पधारे पंडित मनीष पराशर महाराज ने श्रीकृष्ण–रुक्मिणी विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और रसपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब द्वार पर संत का आगमन हो तो यह नहीं देखना चाहिए कि वे किस उद्देश्य से आए हैं, बल्कि उनका सम्मान करते हुए पहले जलपान आदि की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कृष्ण और गोपियों के प्रेम प्रसंग का उल्लेख करते हुए श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
कथा के दौरान उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि बाहरी सुंदरता पर मोहित होने के बजाय उस सुंदरता को रचने वाले ईश्वर का स्मरण और गुणगान करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि मोबाइल में रील बनाने के बजाय भगवान की कथा में तन्मय होकर भक्ति भाव से जुड़ें। साथ ही तीर्थ यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दर्शन के समय फोटो और स्टेटस बनाने के बजाय सच्चे मन से भगवान के दर्शन करें।
इस अवसर पर मुख्य यजमान मुकेश कुमार झा, मुखिया संघ अध्यक्ष अजय कुमार उर्फ गुड्डू सिंह, पैक्स अध्यक्ष सतेंद्र प्रसाद सिंह, उदय सिंह, अविनाश कुमार सिंह, संजय सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण व श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।

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