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एनएच-33 पर ओवरलोडिंग के खिलाफ परिवहन विभाग का सख्त एक्शन बहरागोड़ा से जमशेदपुर तक चला सघन वाहन जांच अभियान,

बहरागोड़ा से जमशेदपुर तक चला सघन वाहन जांच अभियान, 15 वाहनों से वसूला गया 2.45 लाख रुपये जुर्माना

जमशेदपुर।
पूर्वी सिंहभूम जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार नेशनल हाईवे–33 पर बहरागोड़ा से जमशेदपुर के बीच सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के तहत परिवहन विभाग ने ओवरलोडिंग के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की।
जिला मोटरयान निरीक्षक (MVI) श्री सूरज हेंब्रम के नेतृत्व में गठित सड़क सुरक्षा टीम ने अभियान के दौरान 40 से अधिक बसों, मैजिक वैन तथा अन्य व्यावसायिक वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच के क्रम में 15 वाहन ऐसे पाए गए जो निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी ढोते हुए ओवरलोडिंग कर रहे थे। विभाग ने इन सभी दोषी वाहनों पर कुल 2 लाख 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
ओवरलोडिंग बनी सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह
अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने ओवरलोडिंग के साथ-साथ वाहनों की फिटनेस, बीमा (इंश्योरेंस), प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) एवं परमिट की भी सघन जांच की। एमवीआई श्री सूरज हेंब्रम ने वाहन चालकों को जागरूक करते हुए कहा कि ओवरलोडिंग न केवल मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि यह यात्रियों एवं सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी नियमित एवं औचक जांच अभियान जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परिवहन विभाग की नागरिकों से अपील
सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने वाहन संचालकों, चालकों एवं आम नागरिकों से निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की—
पैसेंजर वाहनों में परमिट के अनुसार ही निर्धारित संख्या में सवारी बैठाएं, ओवरलोडिंग से बचें।
वाहन चलाते समय वैध ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट एवं प्रदूषण प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से साथ रखें।
चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग करें तथा दुपहिया वाहन पर चालक एवं पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
नेशनल हाईवे एवं शहरी सड़कों पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें, तेज रफ्तार जानलेवा हो सकती है।
शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध है, जिसमें जेल, भारी जुर्माना एवं लाइसेंस रद्द होने का प्रावधान है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और नियमों के पालन से ही सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सकती है।
Anand Kishor
ब्यूरो चीफ, अखंड भारत न्यूज
ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन (AIMA)

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