
बिजली समस्याओं को लेकर किसानों का महापड़ाव मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ओसियां विधानसभा क्षेत्र में बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, जबरन वीसीआर कार्रवाई, नए कृषि कनेक्शन में देरी और ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने जैसी समस्याओं से परेशान किसानों ने एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया है। 18 दिसंबर 2025 को डॉ. श्रवण चौधरी के नेतृत्व में मथानिया में धरना दिया गया था। उस दौरान मथानिया डिस्कॉम के एक्सईएन अल्पूराम चौधरी स्वयं किसानों के बीच पहुंचे थे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
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इसी के विरोध में डॉ. श्रवण चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने मथानिया हाईवे के पास महापड़ाव डाल दिया। धरना स्थल पर डॉ. चौधरी ने कहा कि सात प्रमुख मांगों को लेकर प्रशासन और बिजली विभाग को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन
किसी भी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि किसान कर्ज के बोझ में दबा हुआ है, फसल बचाने के लिए रात दो-दो बजे खेतों में खड़ा रहना पड़ता है,
डीएपी और यूरिया के लिए लंबी कतारों में जूझना पड़ता है, फिर भी बिजली विभाग की अनदेखी जारी है।
किसानों का आरोप है कि एक बिजली
पोल ठीक कराने या हटवाने के लिए जेईएन, एईएन और एक्सईएन तक आवेदन देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती, जबकि वीसीआर भरने के
लिए अधिकारी सीधे खेतों में गाड़ी लेकर पहुंच जाते हैं। डॉ. चौधरी ने कहा कि जब तक अधिकारी किसानों के बीच खेतों में जाकर समस्याएं नहीं सुनेंगे, तब तक वास्तविक स्थिति समझ में नहीं आएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि "गोली भी खा लूंगा, लेकिन किसानों की मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
किसानों की प्रमुख मांगों में पूर्ण विद्युत आपूर्ति, घरेलू बिजली में हो रही कटौती बंद करना, कम वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नए पोल लगाना, नए कृषि कनेक्शन शीघ्र जारी करना और ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया में तेजी शामिल है। गोपाराम बेनीवाल ने बताया कि धरना स्थल पर "किसान एकता जिंदाबाद" और "जय जवान, जय किसान" के नारे गूंजते रहे। ओसियां विधानसभा के दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान आंदोलन में शामिल हुए।