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तीसरे प्यारे भाई हिम्मत सिंह जी के जन्मदिवस को समर्पित गांव संगतपुरा में एक बड़ा नगर कीर्तन निकाला गया। पंज प्यारों की लीडरशिप में गांव खालसा के रंग

18 जनवरी: लहरागागा (सुरेश जवाहर वाला 90233-63132) श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्यारे सिख, पंज प्यारों में से तीसरे प्यारे भाई हिम्मत सिंह जी का जन्मदिवस गांव संगतपुरा में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर पूरा गांव खालसा के रंग में रंगा हुआ नजर आया। गांव के गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंडपाठ साहिब का प्रकाश किया गया और पंज प्यारों की लीडरशिप में गांव में एक बड़ा नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन के दौरान रागी, ढाडी और कविश्री जत्थों ने भाई हिम्मत सिंह जी के जीवन और शहादत से जुड़ी ऐतिहासिक कहानियां सुनाईं। इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी भाई दर्शन सिंह ने बताया कि गांव के बुजुर्गों के अनुसार करीब 364 साल पहले भाई हिम्मत सिंह जी का जन्म ज्योति राम (मेहरा) के घर में माता रमों जी की कोख से 5 माघ 1718 संवत को हुआ था। बाद में उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी की शरण ली और श्री आनंदपुर साहिब की धरती पर अमृत ग्रहण करने के बाद गुरु साहिब की पहली सेना के सिपाही बन गए।

उन्होंने बताया कि भाई हिम्मत सिंह जी ने ज़ुल्म के खिलाफ लड़ते हुए चमकौर साहिब की लड़ाई में 8 पोह को शहादत पाई थी। उनकी शहादत के बाद कई सालों तक गांव वाले उनका शहीदी दिवस 8 पोह को मनाते रहे, लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की राय के अनुसार पिछले 60 सालों से उनका जन्मदिवस 5 माघ को मनाया जा रहा है। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि 5 माघ से 7 माघ तक गुरबानी गाई जाती है और दूर-दूर से आए कवियों के ग्रुप जोशीले गीत गाकर संगत के बीच सिख धर्म की उभरती कला का संदेश देते हैं। इस दौरान संगत ने गांव और रास्ते के अलग-अलग पड़ावों पर लंगर लगाए और सभी संगत ने जाति-पाति की परवाह किए बिना एक लाइन में बैठकर लंगर खाया।

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