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रेगिस्तान की धोरों में विज्ञान की उड़ान,दामोदरा में शनिवार को ब्लॉक स्तरीय विज्ञान मेला सम्पन्न 15 विद्यालयों के 55 नवाचार आधारित मॉडल बने आकर्षण



जैसलमेर।(सी आर देवपाल म्याजलार)।
रेगिस्तानी क्षेत्र सम ब्लॉक के दामोदरा गांव में विज्ञान, नवाचार और प्रतिभा का अद्भुत संगम देखने को मिला। रेफ ग्लोबल एवं शिक्षा विभाग जैसलमेर के सहयोग से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दामोदरा में आयोजित ब्लॉक स्तरीय विज्ञान मेले में 15 विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए 55 विज्ञान मॉडल प्रदर्शित किए गए। इन मॉडलों में वैज्ञानिक सोच रचनात्मकता प्रयोगशीलता एवं सामाजिक चेतना की स्पष्ट झलक देखने को मिली।विज्ञान मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना नवाचार को बढ़ावा देना तथा सीखने की प्रक्रिया को प्रयोगों से जोड़ना रहा। मेले में सोलर सिस्टम पवन चक्की चंद्रयान मॉडल जल संरक्षण स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम मानव हृदय हाइड्रोलिक ब्रिज आधुनिक कृषि तकनीक नवीनीकरणीय ऊर्जा एवं मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर आधारित मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

विज्ञान मेले विद्यार्थियों को नई दिशा देते हैं

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तहसीलदार सम कालूराम ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान मेले विद्यार्थियों की जिज्ञासा को बढ़ाते हैं और उन्हें नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे आयोजन बच्चों को सोचने समझने और प्रयोग करने का अवसर देते हैं। इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ समय-समय पर आयोजित होनी चाहिए।उन्होंने सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रशासन एवं आयोजक संस्था की सराहना की।

एक मंच पर विज्ञान के विविध आयाम

विशिष्ट अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सम रमेश दत्त ने कहा कि विज्ञान मेले में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मॉडल अत्यंत सराहनीय हैं।एक ही मंच पर विज्ञान के विभिन्न विषयों से जुड़े मॉडल यह दर्शाते हैं कि बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण निरंतर विकसित हो रहा है। ऐसे मंच विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करते हैं।उन्होंने महान वैज्ञानिकों के उदाहरण देकर विद्यार्थियों को निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।

ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा गर्व का विषय

अतिरिक्त मुख्य शिक्षा अधिकारी जगदीश प्रसाद शर्मा ने कहा कि ग्रामीण परिवेश से आने वाले विद्यार्थियों द्वारा इस स्तर के मॉडल प्रस्तुत करना गर्व की बात है। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों की प्रतिभा को सही दिशा मिलती है।
ग्रामीण प्रतिभाओं को सही मंच मिलना आवश्यक
विज्ञान मेले में रेफ ग्लोबल संस्था के सुदेशना भोजिया रीजनल एजुकेशन मैनेजर एवं एरिया मैनेजर श्रीमती करिश्मा भाटी सहित रेफ ग्लोबल प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों के मॉडलों का अवलोकन किया तथा बच्चों की वैज्ञानिक सोच नवाचार क्षमता और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों में अपार प्रतिभा है जिन्हें सही मंच और मार्गदर्शन मिलने पर वे बड़े स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।विद्यालय के प्रधानाचार्य कांवरा राम बामणिया ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

सीमावर्ती रेगिस्तान में विज्ञान की चमक

विशेष उल्लेखनीय यह रहा कि यह विज्ञान मेला पाकिस्तान सीमा से सटे जैसलमेर जिले के सम ब्लॉक में आयोजित किया गया जहाँ आज भी शैक्षणिक संसाधनों का अभाव है। ऐसे कठिन भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों में विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान जैसे विषय में नवाचार प्रस्तुत करना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है।रेगिस्तान की तपती रेत और दूसरी ओर कड़कती सर्दी के बीच विज्ञान के प्रति बच्चों की जिज्ञासा और प्रयोगशीलता यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यदि सही मंच मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
विज्ञान मेले के निर्णायक मंडल में श्रीमती कुसुम बालोच उर्मिला एवं मुकेश सिंह शामिल रहे। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत दामोदरा के सरपंच मदनलाल रेफ ग्लोबल प्रोग्राम ऑफिसर जबरा राम चुतरा राम आम्बा सिंह मानाराम राणसिंह सहित अन्य मौजीज लोग शिक्षकगण विद्यार्थी ग्रामीणजन एवं रेफ ग्लोबल की टीम उपस्थित रही।कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता आशुनाथ गोस्वामी ने किया।

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