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सड़क हादसों पर लगाम के लिए ‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ कार्यक्रम की समीक्षा डीआईजी मेरठ रेंज ने दिए सख्त निर्देश

सड़क हादसों पर लगाम के लिए ‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ कार्यक्रम की समीक्षा
डीआईजी मेरठ रेंज ने दिए सख्त निर्देश, 90 दुर्घटना बाहुल्य व 22 क्रिटिकल कॉरिडोर चिन्हित
मेरठ।
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से मुख्यालय स्तर पर चलाए जा रहे ‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र श्री कलानिधि नैथानी ने शनिवार को परिक्षेत्र कार्यालय में समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु किए गए उपायों की जनपदवार समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीआईजी महोदय ने बताया कि मेरठ परिक्षेत्र में अब तक 90 दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र एवं 22 क्रिटिकल कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं। सभी क्रिटिकल कॉरिडोर पर सी0सी0 (क्रिटिकल कॉरिडोर) टीमों का गठन किया गया है, जिनमें प्रत्येक टीम में एक उप निरीक्षक एवं चार हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल की तैनाती की गई है।
समीक्षा में बताया गया कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए परिक्षेत्र में 302 चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, 25,339 रिफ्लेक्टर पट्टियां स्थापित की गई हैं तथा 1,020 स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया है। इसके साथ ही हाईवे पर चढ़ने व उतरने के 81 स्थानों पर गति सीमा निर्धारित की गई है। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 665 यातायात पुलिसकर्मी एवं 434 जनपदीय पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
जनपदवार स्थिति
मेरठ जनपद में 27 दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। यहां 145 चेतावनी बोर्ड, 16,383 रिफ्लेक्टर पट्टियां लगाई गईं तथा 680 अतिक्रमण हटाए गए हैं। 7 क्रिटिकल कॉरिडोर पर विशेष टीमें कार्यरत हैं।
बुलन्दशहर में 17 दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, जहां 81 चेतावनी बोर्ड व 7,023 रिफ्लेक्टर पट्टियां लगाई गईं तथा 241 अतिक्रमण हटाए गए हैं।
बागपत जनपद में 25 दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र चिह्नित कर 34 चेतावनी बोर्ड, 298 रिफ्लेक्टर पट्टियां लगाई गईं एवं 58 अतिक्रमण हटाए गए हैं।
हापुड़ जनपद में 21 दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में 42 चेतावनी बोर्ड, 1,635 रिफ्लेक्टर पट्टियां लगाई गईं तथा 41 अतिक्रमण हटाया गया है।
डीआईजी श्री कलानिधि नैथानी ने सभी क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों को ब्रेथ एनालाइजर, रिफ्लेक्टिंग जैकेट, ब्लिंकिंग लाइट, स्पीड रडार और बॉडी वॉर्न कैमरा जैसे अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर तक लाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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