
*इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी की जमानत याचिका खारिज*
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला, अधिवक्ता रूपेश कुमार सिंह का कड़ा विरोध
प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में हत्या के आरोपी शैलेंद्र कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति कृष्ण पहवाल की पीठ ने कहा कि मामला अब अंतिम चरण की ओर बढ़ चुका है और आरोपी पर मुख्य हमलावर होने का गंभीर आरोप है, ऐसे में इस स्तर पर उसे जमानत देना उचित नहीं होगा।
न्यायालय ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के ‘एक्स बनाम राजस्थान राज्य (2024)’ प्रकरण का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि जब आरोप तय हो जाएं और मुकदमे की सुनवाई प्रारंभ हो चुकी हो, तो सामान्यतः जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
यह मामला प्रयागराज के थाना उतरांव में वर्ष 2021 में दर्ज अपराध संख्या 138/2021 से संबंधित है। आरोपी शैलेंद्र कुमार सिंह के विरुद्ध दंगा, हत्या, आपराधिक साजिश और धमकी सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने मृतक पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया था। प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता और उसकी बहन पर भी हमला किया। आरोपी 10 मई 2021 से जेल में निरुद्ध है।
इस प्रकरण में शिकायतकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता रूपेश कुमार सिंह ने सशक्त भूमिका निभाई। उन्होंने राज्य पक्ष के साथ मिलकर जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया और न्यायालय के समक्ष अपराध की गंभीरता, आरोपी की भूमिका तथा गवाहों के बयानों की स्थिति को मजबूती से रखा।
अधिवक्ता रूपेश कुमार सिंह ने तर्क दिया कि मुकदमे की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आरोपी को किसी भी प्रकार की राहत देना न्यायसंगत नहीं होगा।
न्यायमूर्ति कृष्ण पहवाल ने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों से स्पष्ट है कि आरोपी ने मृतक पर लोहे की रॉड से हमला किया था। न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज करते हुए संबंधित निचली अदालत को निर्देश दिया कि मुकदमे का निस्तारण शीघ्र किया जाए।
साथ ही न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत याचिका पर की गई टिप्पणियां केवल इसी आवेदन तक सीमित हैं और इनका मुख्य मुकदमे के अंतिम निर्णय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।