
गुप्त नवरात्रि आज से प्रारम्भ, 27 जनवरी को समापन- पं. बृजेश पाण्डेय ज्योतिषाचार्य
गोरखपुर। भारतीय विद्वत् महासंघ के महामंत्री व श्री हनुमत् ज्योतिष सेवा संघ के संस्थापक ज्योतिषचार्य पंडित बृजेश पाण्डेय ने बताया की काशी से प्रकाशित सभी पंचागों के अनुसार गुप्त नवरात्रि माघ मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी प्रयंत रहता है। आज 19 जनवरी दिन सोमवार से यह आरंभ हो रहा है ।उत्तराषाढ नक्षत्र वज्र योग किष्तुंघ्न करण तथा सर्वार्थसिद्धि योग मिलने से नवरात्री का महत्व विशेष फलदाई हो रहा है। गुप्त नवरात्रि मे गुप्तरुप से किया गया पूजा-पाठ विशेष फलदाई मना गया है।
पंडित बृजेश पाण्डेय ने बताया कि बर्ष मे चार नवरात्रि होती है जिसमे दो गुप्त नवरात्रि (माघ-आषाढ) मे होती है, इसमे जो भी कार्यसिद्धि के लिए गुप्तरुप से किया गया पूजा-पाठ विशेष लाभकारी होता है। इसे तंत्र मंत्र सिद्धि के लिए सर्वोत्तम माना गया है । सायंकाल आरती के समय कपूर के साथ लवंग डालकर आरती करने से सभी प्रकार के नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाता है और सुख समृद्धि के साथ ही घर मे शांति बनी रहती है।
जिस प्रकार से आश्विन एवं चैत्र मास की नवरात्रि मे कलश स्थापन कर पाठ किया जाता है ठीक उसी प्रकार विधि-विधान से पूजा पाठ करें।
परंतु गुप्त करने से ज्यादा फलदायी होता है। इसमे शतचंडी सहस्रचंडी लक्षचंडी कराने से सभी कामनाये पूर्ण होती है। श्रीपाण्डेय ने यह भी बताया कि गुप्तनवरात्रि मे ही वसंतपंचमी पडता है जो और भी शुभ होता है। बसंत पंचमी इसबार 23 जनवरी दिन शुक्रवार को है। कहीं कहीं श्रीपंचमी, वाणीपूजा के नाम से भी जाना जाता है ।
इस अवसर पर सरस्वती पूजनोत्सव,तक्षक पूजा,
रतिकाममहोत्सव तथा आम्र मंजरी को मिश्री के साथ सरस्वती जी को प्रसाद अर्पण कर बच्चों को खिलाएं। इस दिन माँ सरस्वती की पूजन करनी चाहिए तथा पीले वस्त्र पहनना,पीला पुष्प मिठाई अर्पण करना चाहिए। इस दिन से बच्चों को शिक्षा आरंभ कराना श्रेयष्कर होता है । बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान कर मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं,हल्दी कुमकुम पीलाफुल चढाएं सरस्वती मंत्र का जप करें तथा साथ ही विष्णुदेव एवं कामदेव की भी पूजा जरूर करें। इसदिन पंचाग, पुस्तक कलम एवं अन्य विद्या से जुडी वस्तुओं का दान करना चाहिए अपमान नही करना चाहिए।
पेड-पौधे नही काटना चाहिए,काले गहरे नीले जैसे अशुभ रंग के वस्त्र पहनने से बचना चाहिए।