
आमजन से मिलने का कार्यक्रम प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश
सोमवार व शुक्रवार को अनिवार्य रूप से सुनवाई करेंगे अधिकारी : जिलाधिकारी
हाजीपुर/जिला पदाधिकारी, वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह की अध्यक्षता में “आमजन से मिलने का कार्यक्रम” को प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु स्पष्ट एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह सोमवार एवं शुक्रवार को अपने-अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर निर्धारित समय पर आम नागरिकों से मिलेंगे और उनकी समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता व गंभीरता के साथ सुनेंगे। प्राप्त शिकायतों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित रहने की स्थिति में प्राधिकृत पदाधिकारी के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था अनिवार्य होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन पदाधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों का प्रभार है, वे समय निर्धारण कर सभी कार्यालयों में आमजनों से मिलना सुनिश्चित करें। सभी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। शिकायतों का विधिवत पंजी संधारण कर निरंतर अनुश्रवण किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने वरीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा निर्देशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा करें तथा उसकी जानकारी ससमय उपलब्ध कराएँ। साथ ही, प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को अपराह्न 12:00 बजे से 02:00 बजे तक आयोजित होने वाले जनता दरबार में सभी संबंधित पदाधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रभारी पदाधिकारी, जिला जन-शिकायत कोषांग को जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के संग्रहण, पंजीकरण एवं आवश्यक कार्रवाई समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव, बिहार द्वारा प्रशासन को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह एवं नागरिकोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से सात निश्चय–3 के अंतर्गत ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष बल दिया गया है। इसी क्रम में आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु “आमजन से मिलने का कार्यक्रम” को सशक्त रूप दिया जा रहा है।
निर्देशों का अनुपालन दिनांक 19 जनवरी 2026 से अनिवार्य रूप से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।