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पीलीभीत में बड़ा हादसा: मौनी अमावस्या पर शारदा नदी में डूबे दो किशोर, बचाने कूदे युवक की भी गई जान

रिपोर्टर अमित दीक्षित पीलीभीत उत्तर प्रदेश



पीलीभीत (पूरनपुर): पीलीभीत जिले में मौनी अमावस्या का पावन पर्व उस समय मातम में बदल गया, जब शारदा नदी के धनाराघाट पर स्नान के दौरान तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में दो किशोर और उन्हें बचाने की कोशिश करने वाला एक युवक शामिल है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया है।
नहाते समय गहरे गड्ढे में समाए किशोर
जानकारी के अनुसार, थाना हजारा क्षेत्र के गांव चंदिया हजारा निवासी सुशांत का पुत्र सुमित (14 वर्ष) और निताई का पुत्र सौरभ (15 वर्ष) रविवार दोपहर मौनी अमावस्या के अवसर पर धनाराघाट पर स्नान करने गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में कुछ समय पूर्व कराए गए चेनेराइजेशन कार्य के कारण वहां गहरे गड्ढे हो गए थे। नहाते समय दोनों किशोर इन्हीं गड्ढों की चपेट में आ गए और गहरे पानी में समाने लगे।
देवदूत बनकर कूदा युवक भी नहीं बचा सका जान
किशोरों को नदी में डूबता देख तट पर मौजूद केशव प्रसाद ने अदम्य साहस का परिचय दिया और उन्हें बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, पानी की गहराई और बहाव अधिक होने के कारण वह किशोरों को तो नहीं बचा सका, बल्कि खुद भी नदी की लहरों में समा गया। देखते ही देखते घाट पर चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय गोताखोरों ने बरामद किए शव
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद तीनों के शवों को नदी से बाहर निकाला गया। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई।
घटना का संक्षिप्त विवरण:
मृतक: सुमित (14 वर्ष), सौरभ (15 वर्ष) और केशव प्रसाद।
स्थान: शारदा नदी, धनाराघाट, पूरनपुर (पीलीभीत)।
वजह: चेनेराइजेशन कार्य के दौरान बने गहरे गड्ढों में डूबना।
इस घटना के बाद से गांव चंदिया हजारा में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने नदी में हुए कार्यों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

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